नयी दिल्ली , मार्च 06 -- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के टेक्नोलॉजी विकास बोर्ड (टीडीपी) ने निजी क्षेत्र की फर्म मिनीमाइंस क्लीनटेक सॉल्यूशंस प्राईवेट लिमिटेड को बेकार हो चुकी लिथियम-आयन बैटरी की स्वस्थ तरीके से रीसाइक्लिंग के लिये वित्तीय मदद दी है। यह जानकारी विभाग की ओर से शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति में दी गयी।

स्वच्छ प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देने और ज़रूरी महत्वपूर्ण खनिजों में घरेलू क्षमताओं को मज़बूत करने की सरकार की परिकल्पना के मुताबिक विभाग से सहायता पाने वाली कंपनी की इस परियोजना का मकसद एक देसी, ज़ीरो-डिस्चार्ज, खराब बैटरी की सामग्री की स्वस्थ तरीके से रीसाइक्लिंग और ज़रूरी खनिजों की रिफाइनिंग प्रक्रिया को व्यवसायिक रूप से उपयोग करना है।

इसमें खत्म हो चुकी लिथियम-आयन बैटरी से लिथियम, कोबाल्ट, निकल और मैंगनीज़ के बैटरी-ग्रेड अवयवों को निकाला जाएगा। इस परियोजना से कीमती महत्वपूर्ण खनिजों को निकालने में भारत की क्षमता मज़बूत होने की उम्मीद है। इसकी सफलता से आयात पर निर्भरता कम होगी ।

मिनीमाइंस क्लीनटेक सॉल्यूशंस पुनर्चक्रण इकाई है जो पुरानी लिथियम-आयन बैटरी के लिए पुनर्चक्रण की प्रारंभ से लेकर अंत तक की प्रक्रियाओं का समाधान प्रस्तुत करती है। विभाग ने कहा है कि कंपनी की ब्लैक मास रिकवरी और पोस्ट-प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी कम एनर्जी की खपत, कम से कम उत्सर्जन और अलग करने की उच्च दक्षता है जिसमें सफलता दर 99 प्रतिशत है।

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