लखनऊ , फरवरी 05 -- क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजी और संक्रामक रोगों के निदान व प्रबंधन में हो रही नवीनतम प्रगति पर मंथन को लेकर संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में 6 और 7 फरवरी को देश भर से विशेषज्ञ एकत्र होंगे।

दो दिवसीय उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड चैप्टर के 21वें वार्षिक सम्मेलन के दौरान यूपी-यूके माइक्रोकॉन 2026 का आयोजन होगा। सम्मेलन में क्लिनिकल माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स, चिकित्सक, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ और नीति-निर्माता शामिल होंगे। सम्मेलन की ऑर्गनाइजिंग चेयरपर्सन डॉ. रुंगमेई.एस. के.मराक ने बताया कि कार्यक्रम में नए व पुनः उभरते पैथोजन्स, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (एएमआर) और मानव माइक्रोबायोम जैसे अहम विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही मल्टीप्लेक्स आरटी-पीसीआर पैनल और आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन भी किया जाएगा, जो क्लिनिकल लैब्स में तेजी से निदान को संभव बना रही हैं।

आयोजन सचिव प्रो. चिन्मय साहू के अनुसार यह मंच सहयोग को सुदृढ़ करेगा और युवा शोधकर्ताओं को प्रेरित करेगा। संस्थान के निदेशक प्रो.आरके धीमन ने कहा कि ऐसे सम्मेलन वैज्ञानिक प्रगति को क्लिनिकल प्रैक्टिस से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं जबकि डीन प्रो. शालीन कुमार ने बेहतर रोगी परिणामों की दिशा में नवाचारों को गति मिलने की उम्मीद जताई।

सम्मेलन में विशेषज्ञ व्याख्यान, मौखिक प्रस्तुतियाँ और बैक्टीरियोलॉजी, मायकोलॉजी, टीबी, वायरोलॉजी, संक्रमण नियंत्रण सहित आठ प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप्स होंगी। आयोजकों के अनुसार करीब 350 पंजीकृत प्रतिनिधि और 100 प्रमुख विशेषज्ञ भाग लेंगे, जबकि 218 शोध सार प्रस्तुत किए जाएंगे।

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