भुवनेश्वर , जनवरी 07 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा है कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) प्रदेश के क्योंझर जिले में एक प्रायोगिक परियोजना के तौर पर शुरु किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि इस डिजिटल मिशन के तहत अपॉइंटमेंट बुकिंग, रेफरल और फॉलो-अप जैसी ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाएं डिजिटल प्लेटफॉर्म के ज़रिए दी जाएंगी। इस पहल का मकसद मरीज़ों का इंतज़ार का समय कम करना और स्वास्थ्य सेवा आधारभूत संरचना का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कहा कि इस परियोजना को सफलता के आकलन के आधार पर एबीडीएम को अगले चरण में पूरे राज्य में बढ़ाया जाएगा।

समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य सेवा आधारभूत संरचना को मज़बूत करने पर ध्यान दिया गया एवं श्री माझी ने इस दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। उन्होंने डॉक्टरों के कौशल को बढ़ाने के लिए जिला मुख्यालय अस्पतालों (डीएचएच) में डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) पाठ्यक्रम शुरू करने की मंज़ूरी दी, जिससे डॉक्टर विशिष्टीकरण करते समय व्यावहारिक एवं नैदानिक प्रशिक्षण हासिल कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने आयुष दवाओं को बढ़ावा देने के लिए आयुष डॉक्टरों को सिर्फ़ आयुर्वेदिक दवाएं लिखने और एलोपैथिक दवाएं लिखने से बचने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि राज्य में आयुष सेवाओं को प्राथमिकता देने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

श्री माझी ने अधिकारियों और सचिवों को क्षेत्रीय दौरा करने, कार्यस्थलों का निरीक्षण करने और स्वास्थ्य सेवा अवसंरचना का सही विकास सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।

उन्होंने नर्सिंग क्षेत्र में सुधारों पर ज़ोर देते हुए नर्सिंग छात्रों के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण, स्नातक कौशल में गुणात्मक सुधार, पाठ्यक्रम में बदलाव और डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों की ओर ज़्यादा झुकाव की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। बैठक में ओडिशा में नर्सिंग और प्रसव सहायक की शिक्षा में सुधारों पर भी विशेष चर्चा हुई।

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