कौशाम्बी , जनवरी 07 -- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के सिराथू तहसील क्षेत्र के कसिया पश्चिम गांव के सामने प्रयागराज कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर के ध्वास्तीकरण को लेकर आज राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के कर्मचारी और ग्रामीण आमने-सामने हो गये हैं।

ग्रामीण मंदिर तोड़े जाने का विरोधकर रहे थे। सूत्रों के अनुसार हनुमान मंदिर 700 वर्ष से भी अधिक पुराना है। जो क्षेत्रीय लोगों के आस्था का केंद्र बन चुका है । प्राचीन हनुमान मंदिर राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण को लेकर दूसरे स्थान पर स्थापित कराया जा रहा था जिस पर मंदिर तोड़े जाने का ग्रामीणों ने विरोध किया था। इसके बाद अधिकारियों के बीच वार्ता से यह तय हुआ कि मंदिर का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा नए स्थान पर कराया जाएगा और जब नए स्थान में मंदिर निर्माण हो जाएगा तो उसके बाद पुराने मंदिर से हनुमान जी की मूर्ति को नए भवन में स्थापित किया जाएगा। उसके बाद हनुमान मंदिर के पुराने भवन को तोड़कर सड़क का चौड़ीकरण कराया जाएगा लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों द्वारा हनुमान मंदिर के नए भवन का निर्माण पूरा नहीं किया है, जबकि 22 जनवरी को नए मंदिर में मूर्ति की प्रतिष्ठा की तारीख निर्धारित की गई है ।लेकिन उसके पहले 07 जनवरी को राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी हनुमान मंदिर को तोड़ने और हनुमान जी की प्रतिमा हटाने जेसीबी मशीन लेकर पहुंच गये। इस बात की जानकारी जैसे ही ग्रामीणों को लगी आक्रोश व्याप्त हो गया और मौके पर तमाम ग्रामीण पहुंच गये।

ग्रामीणों का कहना था कि नए भवन पर हनुमान जी की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा के बाद पुराने मंदिर को तोड़ने दिया जाएगा। विवाद बढ़ने पर उप जिला अधिकारी सिराथू योगेश गौड़ भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पुजारी सहित ग्रामीणों को आश्वासन दिया है कि नए मंदिर भवन के निर्माण के बाद मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा नए भवन में कराई जाएगी उसके बाद मंदिर के पुराने भवन को तोड़ा जाएगा । उप जिला अधिकारी के सुझाव से दोनों पक्ष संतुष्ट हो गए मामला शांत हो गया।

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