चंडीगढ़ , जनवरी 24 -- हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आज की आवश्यकता है, लेकिन इसे युवाओं के लिए ताकत के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग कौशल विकास के लिए हो, उस पर निर्भरता के लिए नहीं। यदि एआई मानवीय बुद्धिमत्ता से नियंत्रित नहीं होगी, तो इसका दुष्प्रभाव युवा पीढ़ी को पथभ्रष्ट कर सकता है।
कल्याण करनाल के रामनगर स्थित सनातन धर्म बाल मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आयोजित वार्षिकोत्सव 'परिवर्तन का शंखनाद' में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
उन्होंने कहा कि आज का चकाचौंध भरा वातावरण युवाओं को अपनी संस्कृति और संस्कारों से दूर कर रहा है, जो समाज और राष्ट्र दोनों के लिए चिंता का विषय है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य की प्राप्ति तभी संभवहै जब युवा अपने इतिहास संस्कृति और मूल्यों को समझते हुए आगे बढ़ें।
उन्होंने कहा कि भारत कभी विश्व गुरु और सोने की चिड़िया कहलाता था, लेकिन गुलामी के लंबे कालखंड में आर्थिक क्षति से अधिक सांस्कृतिक क्षति हुई। संस्कार और संस्कृति ही हमारी असली शक्ति हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत कर देश को विकास की दिशा में आगे बढ़ा रही है लेकिन सशक्त भारत का निर्माण संस्कारवान नागरिकों से ही संभव है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित