पुणे , फरवरी 08 -- केरल के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर ने छात्रों से आह्वान किया है कि वे केवल नौकरी के पीछे भागने के बजाय कौशल-आधारित शिक्षा अपनाकर आत्मनिर्भर बनें और रोजगार खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बनें।

राज्यपाल अर्लेकर यहां फ्यूल एजुकेशन ग्रुप के परिसर में आयोजित 'वार्षिक कॉन्क्लेव एवं फ्यूचर स्किल्स समिट 2026' में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि छात्रों को व्यावहारिक कौशल अर्जित कर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि नयी शिक्षा नीति ने औपनिवेशिक सोच से अलग हटकर भारत की शिक्षा और कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को सशक्त बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि मूल्य-आधारित नेतृत्व और सहयोगात्मक शासन मजबूत शिक्षा एवं कौशल ढांचे के निर्माण के लिए आवश्यक हैं। 'स्किल इंडिया' मिशन के अनुरूप छात्रों को कौशल-उन्मुख शिक्षा के माध्यम से सशक्त होना चाहिए।

इस अवसर पर फ्यूल एजुकेशन ग्रुप के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. केतन देशपांडे, सीओओ मयूरी देशपांडे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। राज्यपाल ने शिक्षा क्षेत्र में परिवर्तनकारी कार्यों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में उत्कृष्ट योगदान के लिए डॉ. देशपांडे को सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान भारत के सोशल स्टॉक एक्सचेंज ढांचे के अंतर्गत फ्यूल ग्रुप द्वारा हासिल महत्वपूर्ण उपलब्धियों की भी घोषणा की गयी।

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