रायपुर , मार्च 10 -- छत्तीसगढ़ में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एंटी करप्शन ब्यूरो ने बहुचर्चित कोल लेवी घोटाले की जांच में एक और अहम कदम उठाते हुए आज विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) रायपुर में चौथा पूरक चालान प्रस्तुत किया है। लगभग 1200 पेज के इस अभियोग पत्र में जेल में बंद आरोपी राकेश जैन को अवैध कोयला लेवी नेटवर्क से जुड़ी वित्तीय गतिविधियों में शामिल बताया गया है।

एजेंसी के अनुसार जांच में सामने आया है कि कोल लेवी वसूली के कथित मुख्य सूत्रधार सूर्यकांत तिवारी द्वारा अवैध धन के लेनदेन के लिए कई शेल कंपनियों का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि इन फर्मों और बैंक खातों के माध्यम से अवैध रूप से प्राप्त रकम को बैंकिंग चैनलों से घुमाकर बाद में नकद में बदलकर नेटवर्क तक पहुंचाया जाता था। प्रारंभिक जांच में करीब 40 करोड़ रुपये की राशि के रूटिंग और लेयरिंग के संकेत मिले हैं।

जांच एजेंसी का कहना है कि इस प्रक्रिया में फर्जी बिलिंग, विभिन्न व्यावसायिक मदों के नाम पर भुगतान और अलग-अलग खातों में राशि ट्रांसफर कर धन के वास्तविक स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई। मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 420, 384, 467, 468 और 471 के साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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