बिलासपुर , मार्च 02 -- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की मेजबानी में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 'कोल इंडिया मेडिकल कॉन्फ्रेंस - सिमेकॉन 2026' का सोमवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। सम्मेलन में देशभर से आए चिकित्सा विशेषज्ञों ने भाग लेकर खनन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और तकनीकी उन्नयन पर व्यापक चर्चा की।
एसईसीएल के जनसंपर्क अधिकारी से आज मिली जानकारी के अनुसार समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कोल इंडिया लिमिटेड के निदेशक (मानव संसाधन) डॉ. विनय रंजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने की। इस अवसर पर कोल इंडिया के चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. सोमशुभ्रो गुप्ता, एसईसीएल के चिकित्सा सेवा प्रमुख डॉ. श्रुतिदेव मिश्रा तथा उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरिहंत जैन सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक और अधिकारी मौजूद रहे।
डॉ. रंजन ने अपने संबोधन में कहा कि कोल इंडिया के पास लगभग 1200 समर्पित चिकित्सकों का सशक्त नेटवर्क है, जो 16 बड़े अस्पतालों और 80 से अधिक क्षेत्रीय अस्पतालों के माध्यम से विभिन्न कोलफील्ड क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि चिकित्सक केवल उपचारकर्ता ही नहीं, बल्कि संगठन की उत्पादकता और कार्यक्षमता के प्रमुख स्तंभ हैं। स्वस्थ कार्यबल उच्च उत्पादकता की आधारशिला है।
उन्होंने चिकित्सा सेवाओं में आधुनिक तकनीक, डिजिटल स्वास्थ्य निगरानी और डेटा एनालिटिक्स के प्रभावी उपयोग पर बल देते हुए कहा कि भविष्य की स्वास्थ्य प्रणाली तकनीक-सक्षम, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी होनी चाहिए। खनन क्षेत्रों में व्यावसायिक रोगों की समयबद्ध पहचान और प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई।
तीन दिनों तक चले सम्मेलन में प्री-कॉन्फ्रेंस कार्यशालाएं, वैज्ञानिक सत्र और तकनीकी प्रस्तुतियां आयोजित की गईं।
देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से आए 250 से अधिक चिकित्सकों और विशेषज्ञों के साथ कोल इंडिया एवं उसकी सहायक कंपनियों के डॉक्टरों ने विभिन्न शोधपत्र और केस स्टडी प्रस्तुत किए। आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन, उन्नत निदान तकनीक, टेलीमेडिसिन, डिजिटल हेल्थ मॉनिटरिंग तथा अस्पताल प्रबंधन प्रणाली जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ।
कार्यक्रम के दौरान सर्वश्रेष्ठ केस प्रेजेंटेशन के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया तथा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। सिमेकॉन 2026 ने ज्ञान-विनिमय, अनुभव साझाकरण और चिकित्सा सेवाओं में नवाचार को प्रोत्साहित करने का प्रभावी मंच प्रदान किया।
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