कोलकाता , अप्रैल 16 -- पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में पाया है कि मध्य कोलकाता के 100 से अधिक मतदान केंद्रों में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था नहीं है।
यह मुद्दा चुनाव से कुछ ही दिन पहले गंभीर चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि इस बार आयोग ने मतदान के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर मतदान केंद्र पर उन्नत वेबकास्टिंग व्यवस्था अनिवार्य कर दी है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "बिना विश्वसनीय बिजली आपूर्ति के वेबकास्टिंग काम नहीं कर सकती। इसलिए हमने जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) को ऐसे सभी बूथों पर तुरंत बिजली कनेक्शन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।"अधिकारी ने कहा कि जिन मामलों में समय पर बिजली बहाल करना संभव नहीं है, वहां अधिकारियों को जनरेटर की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में बिजली की कमी से वेबकास्टिंग बाधित नहीं होनी चाहिए।
ग्रामीण क्षेत्रों के मतदान केंद्रों पर बिजली न होना असामान्य नहीं है और इस पर पहले भी निर्देश दिए गए थे, लेकिन अधिकारियों ने स्वीकार किया कि कोलकाता में ऐसी स्थिति की उम्मीद नहीं थी। राज्य के अधिकांश मतदान केंद्र स्कूलों में बनाए जाते हैं, ऐसे में इस स्थिति ने बुनियादी ढांचे के रखरखाव में राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि स्कूलों में बिजली देना राज्य की जिम्मेदारी है, अतः बूथों पर बिजली की कमी शहर के कई स्कूलों में बुनियादी ढांचे के अपर्याप्त विकास को दर्शाती है।
दक्षिण कोलकाता में चुनाव तैयारियों से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि आयोग के आदेशों का पालन करने के लिए प्रभावित बूथों पर अस्थायी बिजली कनेक्शन की व्यवस्था की जाएगी। मतदान के दिन निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जहां आवश्यक हो वहां जनरेटर लगाए जाएंगे।
सीईओ कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, बिजली की कमी वाले अधिकांश बूथ कोलकाता पोर्ट क्षेत्र में स्थित हैं, जहाँ ऐसे 50 से अधिक मतदान केंद्रों की पहचान की गई है। एक अधिकारी ने हैरानी जताते हुए कहा, "यह वास्तव में आश्चर्यजनक है। हम समझ नहीं पा रहे हैं कि पिछले चुनाव इन स्थानों पर उचित बिजली के बिना कैसे आयोजित किए गए थे।"अधिकारियों के अनुसार, वेबकास्टिंग के अलावा मतदान केंद्रों के भीतर उचित रोशनी के लिए भी निरंतर बिजली आवश्यक है। मतदान के दिन सुरक्षा कारणों से खिड़कियां और दरवाजे बंद रखे जाते हैं, जिससे अंदर अंधेरा हो सकता है। पर्याप्त रोशनी के बिना मतदान प्रक्रिया बाधित हो सकती है।
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