रायपुर , जनवरी 24 -- छत्तीसगढ़ के हसदेव क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक गोंडवाना मरीन फॉसिल्स पार्क के संरक्षण और विकास को भारत सरकार के कोयला मंत्रालय के स्तर से समर्थन मिलने की उम्मीद जागी है। कोयला मंत्रालय के अपर सचिव हिटलर सिंह ने हसदेव क्षेत्र की कोयला खदानों के निरीक्षण के दौरान इस पार्क का दौरा किया और इसके विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
शनिवार को जिला पीआरओ से मिली जानकारी के मुताबिक,पार्क में आगमन पर पुरातत्व एवं पर्यटन विभाग के जिला नोडल अधिकारी विनोद पांडे ने अपर सचिव का स्वागत किया और उन्हें पार्क के महत्व से अवगत कराया। श्री पांडे ने बताया कि यह पार्क लगभग 29 करोड़ वर्ष पुराने गोंडवाना कालीन समुद्री जीवाश्मों का अद्वितीय भंडार है, जो पूरे देश की भू-वैज्ञानिक विरासत का प्रमाण है। उन्होंने पार्क परिसर में स्थित कैक्टस गार्डन और इंटरप्रिटेशन सेंटर का भी अवलोकन कराया।
दौरे के दौरान श्री पांडे ने अपर सचिव को यह भी बताया कि पार्क के समग्र विकास के लिए वन विभाग द्वारा वर्ष 2015 में लगभग 8 करोड़ रुपये का एक प्रस्ताव तैयार किया गया था। साथ ही, पार्क के समीप एक समर्पित पुरातत्व संग्रहालय के निर्माण की योजना पर भी चर्चा हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे संग्रहालय से न केवल इस ऐतिहासिक धरोहर का बेहतर संरक्षण होगा, बल्कि शैक्षिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित