पटना , फरवरी 13 -- बिहार विधान परिषद में शुक्रवार को वैशाली जिले के ऐतिहासिक कोनहारा घाट स्थित नेपाली छावनी मंदिर के संरक्षण और रख- रखाव को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सदस्य सौरभ कुमार की ओर से पूछे गये अल्पसूचित प्रश्न के जवाब में कला एवं संस्कृति विभाग के मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने मंदिर के संरक्षण को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मंत्री श्री प्रसाद ने बताया कि 18वीं शताब्दी में ईंट, पत्थर और लकड़ी से निर्मित यह मंदिर पैगोडा शैली की वास्तुकला का महत्वपूर्ण उदाहरण है। अपनी विशिष्ट नेपाली स्थापत्य शैली के कारण यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

हालांकि समय के साथ मंदिर के कुछ हिस्सों में क्षरण देखा गया है, फिर भी श्रद्धालु और पर्यटक बड़ी संख्या में यहां पूजा-अर्चना और दर्शन के लिये पहुंचते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल अवशेष तथा कलानिधि अधिनियम के तहत इस मंदिर को सुरक्षित स्मारक घोषित किया गया है। इसके संरक्षण, सौंदर्यीकरण और समुचित विकास के लिये ठोस पहल की जा रही है।

इस दिशा में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, पटना से प्रारंभिक परियोजना प्रतिवेदन (पीपीआर) प्राप्त हो चुका है। विभाग ने संस्थान से इस परियोजना पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण देने का अनुरोध किया है, जिससे संरक्षण कार्य को वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर आगे बढ़ाया जा सके।

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