कोण्डागांव , अप्रैल 15 -- छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव की कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने यहां के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालयआयोजित जनगणना प्रशिक्षण कार्य का निरीक्षण कर प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने के निर्देश दिये।

श्रीमती पन्ना ने कहा कि जनगणना के दौरान संकलित आंकड़ों की शुद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। जिला जन सम्पर्क अधिकारी (पीआरओ) ने बुधवार को बताया कि निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्रशिक्षण ले रहे कर्मचारियों से जनगणना से जुड़े विभिन्न प्रावधानों और प्रक्रियाओं की जानकारी ली तथा उन्हें सभी बिंदुओं को गंभीरता से समझने पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि विकास योजनाओं की आधारशिला है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। उन्होंने प्रगणकों को घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करते समय सतर्कता और संवेदनशीलता बनाए रखने की सलाह दी।

कलेक्टर ने गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए कर्मचारियों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कार्य के दौरान पर्याप्त पानी का सेवन करें और समय-समय पर विश्राम लेते रहें, ताकि कार्य की गुणवत्ता प्रभावित न हो। साथ ही उन्होंने प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि सभी प्रगणकों को तकनीकी एवं व्यवहारिक दोनों प्रकार की जानकारी पूरी तरह से दी जाए।

कलेक्टर ने 16 अप्रैल से प्रारंभ होने वाले स्व-गणना अभियान में नागरिकों से सक्रिय भागीदारी की अपील की।

उन्होंने बताया कि 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक नागरिक ऑनलाइन माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिसके पश्चात प्रगणक घर-घर जाकर उसका सत्यापन करेंगे।

उल्लेखनीय है कि जनगणना 2027 की प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। प्रथम चरण में 01 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान अपर कलेक्टर चित्रकांत चाली ठाकुर, तहसीलदार मनोज रावटे तथा मास्टर ट्रेनर वेणुगोपाल राव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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