कोडरमा , मार्च 02 -- झारखंड के कोडरमा जिले के समाहरणालय सभागार में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री, भारत सरकार-सह-सांसद अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में निर्भया कोष के अंतर्गत विभिन्न परियोजना प्रस्तावों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कोडरमा जिला में महिलाओं की सुरक्षा सुदृढ़ करने के उद्देश्य से निर्भया फंड (एमओडब्ल्यूसीडी, भारत सरकार) के तहत तैयार किए गए प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। इनमें प्रौद्योगिकी आधारित महिला सुरक्षा कार्यक्रम (ऑटोमैटिक सीसीटीवी, ड्रोन एवं पिंक पेट्रोलिंग), डिजिटल ट्रैकिंग, निगरानी एवं गश्त, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, शौर्य प्रशिक्षण (सेल्फ-डिफेंस), आजीविका एवं आवास की व्यवस्था (सखी निवास/स्वावलंबी सदन - कामकाजी महिलाओं का छात्रावास), महिला सुरक्षाकर्मियों का प्रशिक्षण, कक्षा 9-12 की छात्राओं एवं कामकाजी महिलाओं के लिए निहत्थे आत्मरक्षा, परिस्थितिजन्य जागरूकता एवं कानूनी साक्षरता प्रशिक्षण, दीदी ऑटो एवं दीदी बस सेवा (गुलाबी परिवहन), जिला नियंत्रण कक्ष से संपर्क व्यवस्था, महिलाओं के लिए पृथक शौचालय, महिला स्वास्थ्य (स्वच्छता एवं चिकित्सा सहायता), गरिमा केंद्र (पिंक टॉयलेट), सीसीटीवी, महिला परिचारिकाएं एवं आपातकालीन अलार्म, एम्बुलेंस सेवा तथा महिला एकीकृत सहायता प्रणाली अंतर्गत सक्षम वन स्टॉप सेंटर (ओएससी) के अवसंरचना सुदृढ़ीकरण जैसे प्रस्ताव शामिल थे।
उपायुक्त ऋतुराज ने आज सभी प्रस्तावों की विस्तृत जानकारी केंद्रीय मंत्री को प्रस्तुत की। बैठक में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तिकरण के लिए योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया।
इस अवसर पर उपायुक्त ऋतुराज, पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी ओमप्रकाश मंडल, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनिल कुमार सिंह, जिला योजना पदाधिकारी अनूप कुजूर, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रेखा रानी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
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