पौड़ी गढ़वाल,09अप्रेल(वार्ता) उत्तराखंड में पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में नाबालिग बालिका से जुड़े गंभीर प्रकरण में पुलिस जांच के दौरान अहम खुलासा हुआ है। दुष्कर्म मामले में होटल संचालकों की संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले इस मामले के मुख्य दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 1 अप्रैल 2026 को कोटद्वार निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री 31 मार्च की सुबह घर से बिना बताए कहीं चली गई और वापस नहीं लौटी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देश पर पुलिस टीमों का गठन किया गया। अपर पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ठाकुर और क्षेत्राधिकारी निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप नेगी के नेतृत्व में टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से 3 अप्रैल को मुख्य आरोपी विमल रावत और कृष्णा भट्ट को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

जांच के दौरान यह सामने आया कि घटना के दिन कोटद्वार स्थित एक होटल में आरोपियों को बिना किसी वैध पहचान पत्र और बिना रजिस्टर में प्रविष्टि किए कमरा उपलब्ध कराया गया था। पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि होटल संचालकों ने अधिक धन लेकर नियमों की अनदेखी की और आरोपियों को सहयोग दिया।

इस आधार पर पुलिस ने होटल संचालक शुभम रावत (26) और सोनू (40) को षड्यंत्र में शामिल होने और घटना में सहयोग देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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