बेंगलुरु , जनवरी 09 -- कर्नाटक की एक निचली अदालत ने कोगिलु जमीन हड़पने के एक अहम घटनाक्रम में दो मुख्य आरोपियों को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।
स्थानीय अदालत ने आरोपियों को येलाहंका पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया ताकि विवादित जमीन पर एक बड़े अतिक्रमण रैकेट की जांच की जा सके।
यह मामला कर्नाटक भूमि राजस्व अधिनियम और भूमि हड़पने पर रोक अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया था, जिसमें शिकायतें मिली थीं कि सर्वे नंबर 99 में सरकारी जमीन पर गैर-कानूनी रूप से कब्जा किया गया था और अनजान लोगों को बेच दिया गया था। यहां बाद में अवैध निर्माण कर लिया गया था।
आरोपियों की पहचान वसीमुल्ला बेग और विजय कुमार के रूप में हुई है, जिन्हें गिरफ्तार कर हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा कि वे धोखाधड़ी वाले जमीन सौदों और अतिक्रमणों की चल रही जांच के तहत प्राथमिकी में नामजद बाकी दो संदिग्धों रॉबिन और मुनि अंजिनप्पा की तलाश कर रहे हैं।
एक शिकायत के बाद शुरू हुई जांच से पता चला है कि सरकारी जमीन के कुछ हिस्सों पर अतिक्रमण किया गया था और पैसे के बदले व्यक्तियों को प्लॉट बेचे गए थे। जमीन के ये हिस्से मूल रूप से कचरा प्रबंधन सुविधाओं सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए आवंटित किए गए थे। इस मामले में अधिकारी जांच के हिस्से के रूप में दस्तावेजों, पैसे के लेन-देन और संभावित जाली कागजात की जांच कर रहे हैं।
यह विवाद पिछले साल दिसंबर में कोगिलु लेआउट में एक बड़े बेदखली अभियान से शुरू हुआ, जिसके दौरान सरकारी जमीन पर 160 से अधिक अवैध घरों को गिरा दिया गया था। इस कार्रवाई से सैकड़ों परिवार बेघर हो गए और पुनर्वास और मानवाधिकारों पर बहस शुरू हो गई।
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