रांची , जनवरी 03 -- झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा, इंसानियत की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं।
हर साल की तरह इस साल भी भीषण ठंड को देखते हुए हमने हजारों जरूरतमंदों तक कंबल पहुँचाया है, ताकि कोई भी ठंड से बीमार न पड़े। यह सेवा का संस्कार मैंने अपने पिता फुरकान अंसारी से सीखा है, जो हर पर्व, हर संकट में जनता के बीच जाकर उनकी मदद करते रहे हैं।
वहीं आज डॉ. अंसारी ने कड़ाके की ठंड को देखते जामताड़ा विधानसभा अंतर्गत पंचायत झिलुआ, पबिया, बाकुडीह, केन्दुआटांड़, बसपहाड़ी, पिपलाटांड़, उदयपुर, बगरूडीह और महेशपुर सहित कई गांवों में लगभग 8,000 कंबलों का वितरण किया गया।
इस अवसर पर पूर्व सांसद फुरकान अंसारी ने कहा, कि ठंड में कोई भी गरीब, असहाय या जरूरतमंद व्यक्ति बीमार न पड़े, यही हमारी प्राथमिकता है। सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। मैंने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से कहा है कि जनता की सेवा पूरी ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें। विपक्ष की बातों में उलझने के बजाय जनता की आवाज़ सुनें और उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहें। जनता आज उनके काम से खुश है और यही सबसे बड़ी पूंजी है।"डॉ. अंसारी ने भावुक स्वर में कहा कि मैं विश्वास, मेहनत और लगन से जनता की सेवा कर रहा हूँ। जब भी जनता को मेरी आवश्यकता होती है, मैं बिना बुलाए पहुँचता हूँ। हजारों लोगों की दुआएँ और आशीर्वाद ही मुझे भीतर से मजबूत बनाते हैं और ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा देते हैं। जैसा कर्म करेंगे, वैसा ही फल मिलेगा-इस सिद्धांत पर मेरा पूरा विश्वास है।
ग्रामीणों ने मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का आदिवासी परंपरा के साथ स्वागत किया। सभी धर्मों के लोगों ने एकजुट होकर स्वागत करते हुए कहा कि इतने अच्छे गुणवत्ता वाले कंबल पहली बार मिले हैं। मंत्री का यह सहयोग हमारे लिए बहुत बड़ी राहत है।
डॉ. इरफान अंसारी ने विपक्ष पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, कुछ लोग कहते हैं कि मैं कंबल, साड़ी या वस्त्र बाँटता हूँ। मैं उनसे कहना चाहता हूँ-ठंड से किसी की जान बचाना सबसे बड़ा दान है। जब कोई गरीब इस कंबल से ठंड से बच पाएगा और मेरे पिता फुरकान अंसारी का नाम लेगा, वही मेरी असली पूंजी है।"इस अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष दीपिका बेसरा, मोहनपुर मुखिया सीताराम बास्की, प्रधान कालीचरण हसदा, उप-मुखिया कालेश्वर रजक, पंचायत समिति मनोज मरांडी, कांग्रेस वरिष्ठ नेता मनोज हेंब्रम, बलदेव हसदा, राजेंद्र हेंब्रम, श्यामलाल मरांडी, एसटी सेल नेता अंगद मुर्मू, नईम अंसारी, अर्शी आलम उर्फ पप्पू, जयप्रकाश मंडल, अभय पांडे, तपन दास, बागी लाल सोरेन, लखन हांसदा, विजय बेसरा, उपेंद्र हांसदा, जयदेव हांसदा, नंदलाल हांसदा, मेघनाथ सोरेन, बीरबल अंसारी, अंजू देवी सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
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