रायपुर , दिसम्बर 06 -- छत्तीसगढ़ में बीजापुर जिले के दूरस्थ ग्राम कोंडापल्ली में पहली बार मोबाइल नेटवर्क पहुंचते ही गांव में उत्सव का माहौल बन गया। लंबे समय से सड़क, बिजली और संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे इस वनांचल में जब टॉवर सक्रिय हुआ, तो महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने पारंपरिक ढोल-मांदर की थाप पर नाचते हुए अपनी खुशी जाहिर की।
ग्रामीणों का कहना था कि यह सिर्फ तकनीक का आगमन नहीं, बल्कि दुनिया से उनके पहले वास्तविक जुड़ाव का पल है।
जिला पीआरओ से मिली जानकारी के मुताबिक, तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा पर बसे कोंडापल्ली में दशकों से संचार सुविधा उपलब्ध नहीं थी। नियद नेल्ला नार योजना के तहत शुरू हुई इस पहल ने गांव की दिशा बदल दी है। नेटवर्क मिलने से अब ग्रामीण बैंकिंग, राशन, स्वास्थ्य, पेंशन, आधार संबंधी सेवाएँ और पढ़ाई-लिखाई जैसी सुविधाओं का आसानी से लाभ ले सकेंगे। सुरक्षा बलों के जवानों ने भी ग्रामीणों के साथ इस ऐतिहासिक दिन का उत्साह साझा करते हुए मिठाइयाँ वितरित कीं।
पिछले दो वर्षों में बस्तर संभाग के विभिन्न इलाकों में संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 728 मोबाइल टॉवर स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें 467 टॉवर 4जी सेवा से लैस हैं। इससे पहले कोंडापल्ली में सड़क और बिजली जैसी सुविधाएँ भी चरणबद्ध रूप से पहुंचना शुरू हुईं। बार्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन 50 किलोमीटर सड़क के पुनर्निर्माण में जुटा है, जबकि दो महीने पहले पहली बार गांव में बिजली व्यवस्था पहुंची, जिससे शिक्षा और छोटे रोजगारों को नई दिशा मिली है।
प्रशासन का कहना है कि संचार सुविधा के साथ अब विकास योजनाओं का दायरा और तेजी से बढ़ेगा। कोंडापल्ली में नेटवर्क का पहुंचना उन ग्रामीणों के लिए नई उम्मीद और नई शुरुआत का संकेत है, जो वर्षों से दुनिया से कटे हुए थे।
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