कोंटा/सुकमा , मार्च 23 -- छत्तीसगढ़ में सुकमा जिले के कोंटा स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की छात्राओं ने निलंबित अधीक्षिका की वापसी की मांग को लेकर आज रैली निकालकर प्रदर्शन किया।
छात्राएं तख्तियां लेकर कोंटा नगर की सड़कों पर उतरीं और अधीक्षिका को पुनः पदस्थ करने की मांग करते हुए नारेबाजी की। सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्राओं से चर्चा कर उन्हें समझाइश दी।
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी से सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार कोंटा स्थित कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की एक छात्रा के गर्भवती होने का मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने अधीक्षिका माहेश्वरी निषाद को निलंबित कर दिया था। निलंबन आदेश में स्वास्थ्य संबंधी मामलों में लापरवाही को कारण बताया गया है। हालांकि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया था कि गर्भवती छात्रा उस समय आवासीय आश्रम में नहीं रह रही थी। मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट अभी आना शेष है।
इसी बीच आज सुबह विद्यालय की छात्राएं अधीक्षिका के समर्थन में रैली निकालते हुए नगर के मुख्य मार्गों से गुजरीं और प्रदर्शन किया। छात्राओं का कहना था कि अधीक्षिका के साथ अन्याय हुआ है और उन्हें वापस पद पर बहाल किया जाना चाहिए। छात्राएं ''हमारी अधीक्षिका को वापस करो'' जैसे नारे लगाते हुए विरोध जताती रहीं।
रैली और प्रदर्शन की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। अनुविभागीय अधिकारी सुभाष शुक्ला, ब्लॉक शिक्षा अधिकारी एस.के. दीप तथा ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर मौके पर पहुंचे और छात्राओं से बातचीत की। अधिकारियों ने छात्राओं को शासकीय प्रक्रिया और जांच की स्थिति के बारे में जानकारी दी।
काफी देर तक चली बातचीत और समझाइश के बाद छात्राएं शांत हुईं। इसके बाद प्रशासन की निगरानी में उन्हें वापस आश्रम परिसर भेज दिया गया। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच प्रक्रिया जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित