नैनीताल , जनवरी 08 -- कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के सभी पर्यटन जोनों में अब सफारी के दौरान पर्यटकों को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी, यह निर्णय उच्चतम न्यायालय के हालिया निर्देश के बाद लिया गया है।
अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि टाइगर रिजर्व के कोर हैबिटेट और पर्यटन क्षेत्रों में सफारी के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और प्राकृतिक वातावरण में किसी भी प्रकार का मानवीय हस्तक्षेप रोका जा सके।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक राहुल मिश्रा ने गुरुवार को कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि सफारी के दौरान स्मार्टफोन का उपयोग नहीं किया जाएगा। हालांकि पर्यटक कैमरा डीएसएलआर कैमरा अपने साथ ले जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि पार्क प्रशासन कोर्ट के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने की तैयारी कर रहा है और इसके लिए आवश्यक गाइडलाइन तैयार की जा रही हैं। जल्द ही सफारी के दौरान मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिए जाएंगे और पर्यटकों को प्रवेश द्वार पर ही फोन जमा करना होगा।
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में ढिकाला, सर्पदुली, ग़ैरल, सुल्तान, बिजरानी, झिरना, गर्जिया, सोनानदी, दुर्गा देवी, पाखरो, मुंडिया पानी, तराई पश्चिमी का फाटो ज़ोन सहित रामनगर वन प्रभाग के सितावनी, पवलगढ़ और कॉर्बेट हेरिटेज सफारी ज़ोन शामिल हैं, जहां डे सफारी और नाइट स्टे की सुविधा उपलब्ध है।
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