रामनगर , फरवरी 11 -- उत्तराखंड के रामनगर स्थित कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जिम कॉर्बेट नेचर गाइड एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद बुधानी के नेतृत्व में बुधवार को एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में टाइगर रिजर्व के कोर हेबिटेट क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश (पैरा 48.5) के संदर्भ में स्पष्ट विभागीय दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई है। एसोसिएशन ने अनुरोध किया कि यह स्पष्ट किया जाए कि उक्त आदेश केवल कोर एरिया तक सीमित है या बफर एरिया में भी लागू होता है क्योंकि न्यायालय के निर्णय में बफर क्षेत्र का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है।
इसके अलावा, एसोसिएशन ने मांग किया कि पर्यटकों के मोबाइल फोन और लॉकर की चाबी की जिम्मेदारी नेचर गाइड अथवा वाहन चालक पर न डाली जाए। इसके लिए विभागीय स्तर पर अलग से समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि नेचर गाइड विभाग की आंख और कान के रूप में कार्य करते हैं और जंगल में होने वाली किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना समय पर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अगर भविष्य में गाइडों के मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाया जाता है तो विभाग द्वारा सभी गाइडों को कैमरा और वायरलेस सेट उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है, ताकि सुरक्षा एवं संरक्षण व्यवस्था प्रभावित न हो।
साथ ही सभी सफारी गेटों पर विभागीय चेकिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने की मांग की गई ताकि कोई भी पर्यटक प्रतिबंधित सामग्री के साथ सफारी क्षेत्र में प्रवेश न कर सके।
एसोसिएशन ने आशा व्यक्त किया कि पार्क प्रशासन शीघ्र ही इस विषय में स्पष्ट आदेश जारी करेगा, जिससे न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित हो सके और क्षेत्रीय रोजगार, सुरक्षा तथा वन्य संरक्षण के हित सुरक्षित रहें।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित