जालंघर , दिसंबर 08 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड हरकिशन सिह सुरजीत की 17वीं पुण्यतिथि पर सोमवार को उनके पैतृक गांव बुंडाला में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि क्यूबा के राजदूत कॉमरेड जुआन कार्लोस मार्सन एक्विलेरा शामिल हुये।
पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड नीलोत्पल बसु और पंजाब पार्टी के राज्य सचिव कॉमरेड सुखविंदर सिंह सेखों भी इस मौके पर मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि कामरेड एक्विलेरा ने कहा कि उन्हें कामरेड सुरजीत के पैतृक गांव बुंडाला आकर बहुत खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि सोवियत संघ के पतन के बाद क्यूबा की आर्थिक स्थिति 85 प्रतिशत चरमरा गई थी और क्यूबा पर अमेरिका के हमले तेज हो गए थे। इन हालात में कामरेड सुरजीत के नेतृत्व में माकपा ने किसानों को अनाज और अन्य दैनिक जरूरत की चीजें और 1.5 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मुहैया कराई। 1992 में 10,000 करोड़, जो क्यूबा के लोगों के लिए एक बड़ी राहत थी।
कॉमरेड एक्विलेरा ने कहा कि क्यूबा के लोग आज भी कॉमरेड सुरजीत और कॉमरेड फिदेल कास्त्रो का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि आज भी पूरे देश से कॉमरेड एम.ए. बेबी की लीडरशिप में करोड़ों रुपये हमारे देश क्यूबा भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कॉमरेड सुरजीत, कॉमरेड कास्त्रो, समाजवाद और माकपा अमर रहें, कहकर अपना भाषण खत्म किया।
माकपा के महासचिव कॉमरेड बेबी ने कहा कि कॉमरेड सुरजीत ने ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ अविभाजित भारत की आज़ादी की लड़ाई से लेकर समाजवादी देश क्यूबा के आर्थिक हमलों तक डटकर लड़ाई लड़ी। उन्होंने देश और दुनिया में साम्प्रदायिक फासीवादी और साम्राज्यवादी ताकतों के इरादों को नाकाम करने के लिए ज़मीनी स्तर पर विचारों की लड़ाई लड़ने में हमेशा अहम भूमिका निभायी है।
माकपा की पंजाब इकाई ने राज्य सचिव कॉमरेड सुखविंदर सिंह सेखों के नेतृत्व में क्यूबा के राजदूत कॉमरेड एक्विलेरा को पांच लाख रुपये का ड्राफ्ट दिया। इसके अलावा, पार्टी की केन्द्रीय समिति को दो लाख रुपये दिए गए। कॉमरेड बेबी ने कहा कि उनके जैसे कई और युवा हैं जिन्हें कॉमरेड सुरजीत, कॉमरेड बी.टी. रणधीवे, कॉमरेड बुस्वपुनैया, कॉमरेड ई.एम.एस. नंबूदरीपाद, ज्योति बसु जैसे महान कम्युनिस्ट नेताओं ने गाइड किया है। उन्होंने कहा कि हालांकि कॉमरेड सुरजीत ने किसी एकेडमिक यूनिवर्सिटी में पढ़ाई नहीं की, लेकिन उन्होंने मेहनतकश लोगों के संघर्षों में पढ़ाई की और अपनी ज़िंदगी का हर पल मज़दूरों और किसानों की आज़ादी के लिए लड़ते हुए बिताया।
कॉमरेड बेबी ने कहा कि कॉमरेड सुरजीत के नेतृत्व में पार्टी ने 1992 में क्यूबा को अनाज और आर्थिक मदद भेजी थी, जिसकी कीमत उस समय 10,000 करोड़ रुपये थी। उन्होंने कहा कि उस समय प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव ने अमेरिकी साम्राज्य के दबाव में क्यूबा को अनाज भेजने से मना कर दिया था। कॉमरेड बेबी ने कहा कि वह खुद उस समय राज्यसभा के सदस्य थे और कॉमरेड सुरजीत के साथ प्रतिनिधिमंडल में थे। उन्होंने कहा कि कॉमरेड सुरजीत ने खालिस्तानी ताकतों के खिलाफ भी मज़बूत लड़ाई लड़ी। जिस लड़ाई में कामरेड गुरनाम सिंह उप्पल, कामरेड सोहन सिंह ढेसी, कामरेड दीपक धवन जैसे नौजवानों समेत सैकड़ों कम्युनिस्टों को अपनी जान कुर्बान करनी पड़ी थी।
कामरेड बेबी ने मोदी सरकार के किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ लड़ाई लड़ी और विजयी संघर्ष में अग्रणी भूमिका के लिए क्रांतिकारी पंजाबियों को बधाई दी। उन्होंने आने वाले दिनों में मजदूर विरोधी चार लेबर कोड के खिलाफ लड़ाई का आह्वान किया और कहा कि इन लेबर कोड के लागू होने से मजदूरों को गुलामों जैसा जीवन जीना पड़ेगा।
इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ कॉमरेड मोहन सिंह जिला पठानकोट (उम्र करीब 90 साल) को खास तौर पर सम्मानित किया गया। कॉमरेड एम.ए. बेबी, कॉमरेड नीलोत्पल बसु और कॉमरेड अक्विलेरा को भी सम्मानित किया गया। समारोह के बाद कामरेड बेबी, कामरेड बसु, कामरेड अकीलेरा, कामरेड सेखों वगैरह नेता कामरेड हरकिशन सिंह सुरजीत के घर पहुंचे और उनके बेटे और कामरेड गुरचेतन सिंह की सेहत के बारे में पूछा और उम्मीद जताई कि वह जल्द ठीक हो जाएंगे।
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