नयी दिल्ली , अक्टूबर 25 -- कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन ने बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान की संभावना के मद्देनजर इससे निपटने की तैयारियों का शनिवार को यहां राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति की बैठक में समीक्षा की।

मौसम विभाग ने समिति को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव की मौजूदा स्थिति के बारे में बताया। यह पिछले 6 घंटों में लगभग 7 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ा । आज अपराह्न साढ़े ग्यारह तक यह चेन्नई से 950 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम से 960 किमी दक्षिण-पूर्व, काकीनाडा से 970 किमी दक्षिण-पूर्व और गोपालपुर से 1030 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में केंद्रित था। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और रविवार तक गहरे दबाव में बदलने तथा सोमवार सुबह तक दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके बाद इसके उत्तर-पश्चिम की ओर, फिर उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और मंगलवार की सुबह तक गंभीर रूप लेने की आशंका है। उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए, इसके मंगलवार शाम या रात को काकीनाडा के पास मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच आंध्र प्रदेश तट को पार करने की संभावना है, । इस दौरान हवा की अधिकतम गति 90-100 किमी प्रति घंटा होगी जो 110 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी के मुख्य सचिवों और ओडिशा के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने समिति को तूफान के संभावित रास्ते में आने वाली आबादी की सुरक्षा के लिए किए जा रहे तैयारी के उपायों और स्थानीय प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे एहतियाती कदमों के बारे में बताया। समिति को बताया गया कि पर्याप्त शेल्टर और लोगों को निकालने के इंतज़ाम कर लिए गए हैं और एन डी आर एफ तथा एस डी आर एफ टीमों को तैयार रखा गया है। जिला कंट्रोल रूम भी सक्रिय कर दिए गए हैं और स्थिति पर नज़र रख रहे हैं।

मछुआरों को रविवार से बुधवार तक दक्षिण-पश्चिम, उससे सटे मध्य बंगाल की खाड़ी, तमिलनाडु के तट और आसपास, आंध्र प्रदेश और यनम (पुडुचेरी का) और ओडिशा तट और आसपास समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। जो लोग समुद्र में हैं, उन्हें तुरंत तट पर लौटने की सलाह दी गई है।

बैठक में शामिलअधिकारियों ने बताया कि सभी मानक प्रक्रिया लागू कर ज़रूरी दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही चक्रवात से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

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