नयी दिल्ली , जनवरी 06 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वदेशी दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने, भारतीय व्यापार और घरेलू वस्तुओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने के मकसद से अखिल भारतीय व्यापारी परिसंघ (कैट) राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में मई में भारतीय व्यापार महोत्सव (बीवीएम) का आयोजन करेगा।
एक मई से आयोजित होने वाले इस महोत्सव को लेकर कैट के अधिकारियों ने मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया। इस दौरान कैट के महासचिव एवं चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि श्री मोदी के आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल और लोकल टू ग्लोबल के आह्वान के अनुरूप यह महोत्सव आयोजित होगा। इसका उद्देश्य देश के घरेलू व्यापार को सुदृढ़ और सुरक्षित करना है तथा भारत के व्यापार के परचम को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित करना है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में आयात शुल्क और वैश्विक संघर्षों के चलते दुनिया भर में बड़े परिवर्तन आये हैं। कैट इसे भारत की सामूहिक क्षमताओं को सशक्त करने के एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखता है। इसी क्रम में, कैट द्वारा देश भर में भारतीय व्यापार आंदोलन शुरू किया जा रहा है जिसकी पहली और प्रमुख पहल के रूप में कैट आगामी एक मई से चार मई तक राष्ट्रीय राजधानी के भारत मडपम, प्रगति मैदान में बीवीएम 2026 का आयोजन करेगा, जो देश में अब तक की सबसे बड़ी राष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी होगी।
उन्होंने कहा कि यह महोत्सव भारतीय कॉमन मार्केट का उत्सव होगा और "वन नेशन वन मार्केट की भावना के तहत भारतीय व्यापार, विनिर्माण, सेवाओं एवं उद्यमिता की सामूहिक शक्ति, विविधता और एकता को प्रदर्शित करेगा तथा भारत की पुरातन संस्कृति एवं सभ्यता में व्यापार के जुड़ाव को भी प्रभावी रूप से प्रदर्शित करेगा।
उन्होंने बताया कि बीवीएम 2026 का आयोजन पूरी तरह "मेड इन इंडिया, मेड फॉर इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड" की परिकल्पना के अनुरूप किया जा रहा है। यह भारतीय व्यापारियों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई), महिला एवं युवा उद्यमियाँ, निर्माताओं एवं सेवा प्रदाताओं की वास्तविक क्षमता को एक राष्ट्रीय एवं वैश्विक पर प्रस्तुत करेगा।
कैट के प्रतिनिधियों ने बताया कि बीवीएम 2026 में देश भर से 2,000 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे तथा इसमें दो लाख से अधिक व्यापारी तथा लगभग 10 लाख लोगों के भाग लेने की उम्मीद है।। महोत्सव में बड़ी मात्रा में व्यापार सौदों, साझेदारियों एवं भारतीय उत्पादों में निवेश होने की संभावना है।
इस स्वदेशी एक्सपो में एमएसएमई, महिला उद्यमी, कारीगर, स्टार्टअप्स, युवा स्टेट ऊप्स, कोआपरेटिव संस्थाएँ, स्वयं सहायता समूह (एसएचजी), पारंपरिक एवं विरासत आधारित उत्पादों के प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही निर्यात विस्तार के साथ आयात प्रतिस्थापन को भी सशक्त रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। यह प्रदर्शनी 24 से अधिक क्षेत्रों एवं वर्टिकल्स में फैली होगी और इसे आठ समर्पित जोनों में आयोजित किया जाएगा।
श्री खडेलवाल कहा 'भारतीय कॉमन मार्केट लेन-देन और विनिमय के लिहाज से संभवत दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है. जिसका प्रमाण हमारा विश्वस्तरीय यूपीआई डिजिटल इकोसिस्टम है। इस जीवंतता को बनाए रखना और और अधिक सराफ करना हम सभी की जिम्मेदारी है। भारतीय व्यापार महोत्सव और इसके बाद की पहले इसे सुनिश्वित करेंगी।"कैट ने कहा कि बीवीएम 2026 केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय मेगा व्यापार उत्सद है जो व्यापार, संस्कृति, नवाचार एवं विरासत का समन्वय करता है और भारतीय व्यवसायों को देश के भीतर तथा वैश्विक बाजारों में विस्तार का सशक्त मंच प्रदान करता है।
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