चंडीगढ़ , दिसंबर 05 -- पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के आचरण को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अनुसूचित जाति मोर्चा पंजाब के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने उस पर लोकतंत्र को कमज़ोर करने और पुलिस तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
श्री कैंथ ने यहां शुक्रवार को कहा कि पंजाब में ज़िला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान, विपक्षी पार्टी के उम्मीदवारों के नामांकन पत्र भाड़े के गुंडों द्वारा फाड़े जा रहे हैं और आप जानबूझकर पुलिस तंत्र को राजनीतिक सत्ता के हथियार के रूप में इस्तेमाल करके लोकतंत्र को कमज़ोर कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
प्रदेश भाजपा नेता ने कहा कि आप के नेताओं के कार्य, नीतियाँ और नियम बताते हैं कि सत्ता के लिए कुछ भी किया जा सकता है। आप के लिए राज्य में लोकतंत्र को कमज़ोर करना, चुनावों में धांधली, पुलिस का दुरुपयोग, लोकतांत्रिक गरिमा को कमज़ोर करना और चुनाव प्रक्रिया के दौरान सरकारी मशीनरी का कथित दुरुपयोग आम बात हो गई है। उन्होंने ज़िला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान गुंडागर्दी और खुले आम बदमाशी करने का आरोप लगाया, जिसे श्री कैंथ ने "लोकतंत्र का मज़ाक" करार दिया। उन्होंने दावा किया कि आप पंजाब में लोकतांत्रिक संस्थाओं के चुनावों में पुलिस बल का दुरुपयोग करके एक नया और नकारात्मक इतिहास रच रही है। उन्होंने कहा कि आप सत्ता हथियाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है, वह लोकतंत्र को कमजोर करने पर तुली है और समाज के लिए एक गलत उदाहरण स्थापित करने की कोशिश कर रही है। अनुसूचित जाति समुदाय के नेता ने इस बात पर ज़ोर दिया कि "क्रांति" के नारे के साथ सत्ता में आई पार्टी अब अलोकतांत्रिक तरीकों से लोकतंत्र की गरिमा को कमज़ोर कर रही है। यह पंजाब में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और आरोप-प्रत्यारोप को दर्शाता है, जिससे चुनाव प्रक्रिया के दौरान सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंताएँ पैदा होती हैं। आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को चुनावों के दौरान पार्टी के नेताओं द्वारा की गई गुंडागर्दी और बदमाशी के लिए राज्य के लोगों से माफ़ी मांगनी चाहिए।
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