नैनीताल , मार्च 27 -- उत्तराखंड के हल्द्वानी में समाजसेवी विशाल वर्मा एवं पूर्व पार्षद प्रत्याशी समाजसेवी अंजलि वर्मा ने शुक्रवार को जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल से मुलाकात कर कैंची धाम क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।

समाजसेवी विशाल वर्मा ने आग्रह किया कि कैंची धाम ट्रस्ट को मिलने वाले करोड़ों रुपये के दान का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट द्वारा धर्मशाला का निर्माण कराया जाए तथा भंडारा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि दूर-दराज से आने वाले भक्तों को रहने और भोजन की उचित सुविधा मिल सके।

उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान में श्रद्धालुओं को चार-पांच हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से कमरे दिए जा रहे हैं और खाने-पीने के नाम पर भी अधिक शुल्क वसूला जा रहा है। करोड़ों के दान के बावजूद भक्तों के साथ इस प्रकार की वसूली को उन्होंने अनुचित करार दिया।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कैंची धाम जैसे पवित्र स्थल के आसपास कुछ दुकानदारों द्वारा रात के समय मांस और शराब का सेवन करवाया जा रहा है, जिस पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने शिप्रा नदी में होटल और रेस्टोरेंट द्वारा सीवर डाले जाने के मामले में भी कठोर कार्रवाई की मांग की।

वहीं पूर्व पार्षद प्रत्याशी अंजलि वर्मा ने कहा कि कैंची धाम क्षेत्र में होटल, प्रसाद, फोटो, मूर्ति, कंबल और खाने-पीने की वस्तुओं के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं, जिस पर प्रशासन को नियंत्रण करना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में कई होटल बिना आवश्यक एनओसी के अवैध रूप से बनाए जा रहे हैं, जिनकी जांच कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

अंजलि वर्मा ने यह भी कहा कि बाबा नीम करौली महाराज के वीवीआईपी दर्शन के दौरान आम श्रद्धालुओं के साथ भेदभाव एवं दुर्व्यवहार की शिकायतें सामने आती हैं, जो निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि कैंची धाम की पवित्रता, व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

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