भोपाल , नवंबर 12 -- भोपाल के केरवां बाँध के दायें पार्श्व पर स्थित लगभग 70 मीटर लंबे फुट ब्रिज के चार स्पानों में से एक स्पान (लगभग 17.5 मीटर) में 11 नवंबर को आंशिक क्षति की सूचना प्राप्त हुई है। यह संरचना वर्ष 1980 में बाँध निर्माण के समय निर्मित की गई थी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या अन्य नुकसान की सूचना नहीं है। विभाग के अनुसार इस फुट ब्रिज पर सामान्य आवागमन पहले से ही प्रतिबंधित था तथा इसे केवल निरीक्षण कार्य हेतु सीमित रूप से उपयोग किया जाता था। बाँध की मुख्य संरचना पूर्णतः सुरक्षित है और जल प्रवाह पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

मंगलवार को केरवा डैम के मुख्य ब्रिज के ऊपर बना सीमेंट-कंक्रीट का बड़ा स्लैब अचानक ढह गया। हादसे के दौरान कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यह सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का संकेत देता है।

सरोतीपुरा गांव के निवासी चश्मदीद आसिफ खान ने बताया, "मैं 5 मिनट पहले ही ब्रिज के स्लैब के ऊपर से गुजरा था। दोस्तों के साथ दूसरी तरफ बैठा ही था कि ब्रिज का बड़ा हिस्सा 'V' आकार में गिर गया। शुक्र है, जान बच गई।" आसिफ ने बताया कि कुछ देर पहले गांव के लोग भी उसी रास्ते से गुजरे थे।

जानकारी के अनुसार, डैम के गेट नंबर 8 के ऊपर बना स्लैब करीब 50 साल पुराना था। 8 में से 3 गेट के ऊपर का हिस्सा ढह गया है, जबकि बाकी हिस्सों की हालत भी चिंताजनक बताई जा रही है। कई स्थानों पर सरिए बाहर निकल आए हैं और प्लास्टर उखड़ चुका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून के दौरान यहां हर सप्ताह सैकड़ों लोग घूमने आते हैं। पिछले कुछ वर्षों में लाखों लोग इस मार्ग से गुजर चुके हैं, लेकिन जल संसाधन विभाग द्वारा क्षेत्र में कोई प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी।

हादसे के बाद जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बुधवार को केरवा डैम का निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने वस्तुस्थिति का आकलन कर आवश्यक मरम्मत और सुरक्षा उपाय प्रारंभ करने की बात कही है। सुरक्षा कारणों से डैम के ब्रिज पर आवाजाही को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

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