कोझिकोड , अप्रैल 17 -- केरल में अगले मुख्यमंत्री को लेकर कांग्रेस पार्टी के भीतर छिड़ी तीखी बहस के बीच इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के महासचिव पीएमए सलाम ने इस मसले पर जारी सार्वजनिक चर्चा की आलोचना की है।

श्री सलाम ने इसे समय से पहले और संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीएफ) कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत का अपमान बताया है।

मलप्पुरम में मीडिया को संबोधित करते हुए श्री सलाम ने कांग्रेस नेताओं वीडी सतीशन, रमेश चेन्निथला और केसी वेणुगोपाल के समर्थकों की ओर से सोशल मीडिया पर चलाये जा रहे आक्रामक अभियान पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वोटों की गिनती से पहले इस तरह की हरकतें अनावश्यक विवाद पैदा करती हैं।

कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन में आईयूएमएल दूसरा सबसे बड़ा घटक दल है।

श्री सलाम ने चेतावनी दी कि यदि मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद की खबरें सच हैं तो इसके 'गंभीर परिणाम' होंगे और इससे गठबंधन की एकता को नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने कांग्रेस आलाकमान से स्थिति को नियंत्रित करने का आह्वान किया।

श्री सलाम ने संकेत दिया कि जनता ने यूडीएफ को शासन करने के लिए मजबूत जनादेश दिया है, न कि आंतरिक कलह के लिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद पर कोई भी चर्चा होने से पहले वोटों की गिनती होनी चाहिए और बहुमत हासिल किया जाना चाहिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि आईयूएमएल ने अभी तक इस बारे में कोई आंतरिक चर्चा नहीं की है कि मुख्यमंत्री किसे होना चाहिए और वह कांग्रेस आलाकमान के अंतिम फैसले का पालन करेगी। दिलचस्प बात यह है कि श्री सलाम ने यह भी कहा कि केरल में ऐसे ऐतिहासिक उदाहरण मौजूद हैं, जहां व्यक्तियों ने चुनाव लड़े बिना ही मुख्यमंत्री का पद संभाला है।

आईयूएमएल नेतृत्व का मानना है कि इस तरह की सार्वजनिक बयानबाजी उनके गठबंधन की सार्वजनिक छवि और राजनीतिक संभावनाओं के लिए हानिकारक है।

इस बीच वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कोझिकोड के सांसद एमके राघवन ने भी कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही खुली खींचतान का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दों को सड़क पर घसीटना किसी के लिए भी अच्छा नहीं है। श्री राघवन ने कहा कि मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान को करना चाहिए।

सांसद ने कहा कि सभी संगठनात्मक मामलों में पार्टी आलाकमान की ओर से लिया गया निर्णय अंतिम होता है और आलाकमान उचित समय पर उचित निर्णय लेगा।

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