तिरुवनंतपुरम , जनवरी 07 -- केरल के वट्टियूरकावु विधानसभा के विधायक और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी नेता वी.के. प्रशांत ने स्थानीय भारतीय जनता पार्टी की वार्ड पार्षद और पूर्व पुलिस महानिदेशक आर. श्रीलेखा के साथ विवाद के बाद सस्थामंगलम स्थित तिरुवनंतपुरम नगर निगम भवन में चल रहे अपने कार्यालय को खाली करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के मरुथमकुझी में एक नये किराए के कार्यालय में अपना कार्यालय स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष आर. श्रीलेखा ने विधायक से नगर निगम भवन में उनके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे कमरे को खाली करने की मांग की थी और कहा था कि वह स्थान उनके पार्षद कार्यालय के लिए आवश्यक है। विधायक प्रशांत का कार्यालय कई वर्षों से किराए के आधार पर परिसर से संचालित हो रहा था। उन्होंने शुरू में कार्यालय से बाहर निकलने से इनकार कर दिया था जिससे एक सार्वजनिक असहमति उत्पन्न हुई जो जल्द ही एक राजनीतिक विवाद का विषय बन गई।

मामला तब और बिगड़ गया जब पार्षद ने कथित रूप से बगल के कमरे में अपना कार्यालय खोला और विधायक के कार्यालय के साइनबोर्ड के ऊपर एक नामपट्टिका लगा दी। साइनबोर्ड विवाद की तस्वीरें सोशल मीडिया और मीडिया में वायरल हो गईं, जिससे राजनीतिक हलकों और आम लोगों दोनों से व्यापक आलोचनाएं एवं प्रतिक्रियाएं मिलीं।

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