तिरुवनंतपुरम , मार्च 19 -- केर में फर्जी गैस सिलेंडर बुकिंग और बिलिंग अपडेट से जुड़े साइबर धोखाधड़ी मामलों में अचानक हुई वृद्धि ने चिंता बढ़ा दी है, जहां जालसाज आपूर्ति की कमी को लेकर उपभोक्ताओं के डर का फायदा उठाकर उन्हें निशाना बना रहे हैं।
धोखाधड़ी करने वाले आमतौर पर एसएमएस के माध्यम से संपर्क शुरू करते हैं, उसके बाद गैस एजेंसियों के प्रतिनिधियों के रूप में व्हाट्सएप पर संदेश भेजते हैं। पीड़ितों को फिर "गैस बिल अपडेट एपीके" नामक एक दुर्भावनापूर्ण फ़ाइल भेजी जाती है और उन्हें बुकिंग विवरण अपडेट करने या लंबित बिलों का भुगतान करने के लिए इसे इंस्टॉल करने का निर्देश दिया जाता है।
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की एपीके फ़ाइलें इंस्टॉल करने से जालसाजों को उपयोगकर्ता के मोबाइल फ़ोन का पूरा एक्सेस मिल जाता है, जिससे वे बैंकिंग क्रेडेंशियल्स और यूपीआई पिन सहित गोपनीय डेटा चुरा सकते हैं। कई मामलों में, पीड़ितों ने अपनी जानकारी के बिना अपने खातों से अनधिकृत निकासी की शिकायत की है।
अधिकारियों ने जनता से सतर्क रहने और बुनियादी सुरक्षा उपायों का पालन करने का आग्रह किया है। उपयोगकर्ताओं को एसएमएस या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त एपीके फाइलों को कभी भी डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करना चाहिए। गैस बुकिंग या भुगतान केवल आधिकारिक एजेंसी की वेबसाइटों या अधिकृत मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से ही करना चाहिए।
आपातकालीन संदेश मिलने पर घबराएं नहीं और सीधे गैस वितरक से उनकी पुष्टि करें। अज्ञात ऐप्स या वेबसाइटों पर संवेदनशील वित्तीय जानकारी साझा करने से पूरी तरह बचना चाहिए।
साइबर धोखाधड़ी मामले में राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर डायल करें या आधिकारिक पोर्टल पर जाकर शिकायत दर्ज करें।
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