तिरुवनंतपुरम , फरवरी 22 -- केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (केएसडीएमए) ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान पराबैंगनी (यूवी) सूचकांक के उच्च स्तर दर्ज होने की जानकारी दी है। प्राधिकरण ने लोगों से धूप में लंबे समय तक रहने से बचने और सख्त एहतियाती उपाय अपनाने की अपील की है।

केएसडीएमए ने आईसीएफओएसएस के सहयोग से स्थापित 14 यूवी मॉनिटरिंग स्टेशनों से एकत्र आंकड़ों के अनुसार, कई स्थानों पर यूवी सूचकांक का स्तर अधिक पाया । उच्च पहाड़ी क्षेत्रों में यह सूचकांक 10 तक पहुंच गया, जिनमें मुन्नार प्रमुख है। इसके अलावा कोन्नी, चेंगन्नूर और चंगनास्सेरी में भी यूवी स्तर ऊंचा दर्ज किया गया, जिसके चलते इन क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच यूवी विकिरण अपने चरम पर होता है। इस दौरान लगातार धूप में रहने से सनबर्न, त्वचा रोग, आंखों से जुड़ी समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य जटिलताएं हो सकती हैं। साफ और बादल रहित दिनों में भी यूवी की तीव्रता अधिक बनी रह सकती है। इसके साथ ही जल स्रोतों और रेत जैसी परावर्तक सतहें विकिरण के प्रभाव को बढ़ा सकती हैं।

उच्च पर्वतीय और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में यूवी विकिरण सामान्यतः अधिक होता है। केरल की जलवायु परिस्थितियों के कारण कुछ क्षेत्र इस समय विशेष रूप से संवेदनशील बने हुए हैं। बाहरी कार्यों में लगे श्रमिकों, मछुआरों, जल परिवहन से जुड़े लोगों, मोटरसाइकिल चालकों, पर्यटकों, त्वचा एवं आंखों के रोगियों, कैंसर मरीजों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित