तिरुवनंतपुरम , नवंबर 19 -- केरल में पैदल यात्रियों की दुर्घटना में मौत के मामलों में बढ़ोतरी पर चिंता जतायी गयी है। इस वर्ष 31 अक्टूबर तक पैदल चलने वाले 851 लोगों की मौत दर्ज की गई हैं जिनमें से 218 लोगों की मौत ज़ेबरा क्रॉसिंग के दौरान हुई।

राज्य पुलिस ने 14 नवंबर से तीन दिवसीय विशेष प्रवर्तन पहल "व्हाइट लाइन लाइफलाइन" का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य उन यातायात उल्लंघनों को लक्षित करना था जो पैदल सड़क यात्रियों को खतरे में डालते हैं और इसका उद्देश्य सड़कों को सभी के लिए सुरक्षित बनाना है।

अभियान के दौरान, 1,232 लोग यातायात का उल्लंघन करते हुए पकड़े गए, जिन पर कुल 2,57,760 रुपये का जुर्माना लगाया गया। कुल 32,116 वाहनों की जांच की गयी और 182 मामलों को आगे की कार्रवाई के लिए अदालत भेज दिया गया है।

"व्हाइट लाइन लाइफलाइन" नामक इस पहल का मुख्य उद्देश्य पैदल यात्री क्रॉसिंग पर गति कम न करना, तेज़ गति से वाहन चलाना और पैदल यात्रियों को रास्ता न देना जैसे प्रमुख अपराधों पर केंद्रित था। अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रमुख चौराहों, उच्च जोखिम वाले दुर्घटना क्षेत्रों और व्यस्त पैदल यात्री गलियारों में प्रवर्तन दल तैनात किए गए थे।

अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य न केवल नियमों का पालन कराना था बल्कि वाहन चालकों में जागरूकता बढ़ाना भी था। सड़क उपयोगकर्ताओं को ज़ेबरा क्रॉसिंग का सम्मान करने और सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों का पालन करने की आवश्यकता के बारे में बताया गया।

प्रशासन ने राजमार्ग गश्त इकाइयों एवं प्रवर्तन दस्तों को नियमित निरीक्षण जारी रखने का निर्देश दिया गया है तथा बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की योजना बनाई गई है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित