तिरुवनंतपुरम , नवंबर 05 -- केरल में सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य में 3.60 करोड़ की अनुमानित आबादी के मुकाबले लगभग 4.10 करोड़ आधार कार्ड जारी किए हैं।

लगभग 49 लाख अधिक आधार कार्ड जारी करने की इस सूचना के कारण आधार प्रणाली में संभावित विसंगतियों को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि यह डेटा उनकी आलोचनाओं की ही पुष्टि करता है, जिसमें वह पिछली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार द्वारा शुरू किए गए आधार प्रणाली पर लगातार सवाल उठाते रहे थे।

श्री चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि आधार को 'अपरिपक्व राजनीतिक इरादे और कमजोर तकनीकी डिज़ाइन' के साथ लागू किया गया था। इसके कारण बड़े पैमाने पर लोगों के दो-दो या दो से ज्यादा कार्ड बन गये और राष्ट्रीय पहचान डेटाबेस में संदिग्ध प्रविष्टियाँ दर्ज हो गयीं।

भाजपा नेता ने दावा किया कि अतिरिक्त आधार संख्याओं के कारण मतदाता सूची में अपात्र मतदाताओं के नाम शामिल हो गए होंगे। उन्होंने कहा कि केरल में 4 नवंबर से शुरू हुआ मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 'बेहद महत्वपूर्ण' हो गया है।

श्री चंद्रशेखर ने इस संदर्भ में उन मीडिया रिपोर्टों का भी हवाला दिया, जिनमें आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित कई अन्य राज्यों में आधार और उस राज्य की जनसंख्या के बीच विसंगतियों का संकेत दिया गया है।

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