तिरुवनंतपुरम , मार्च 9 -- केरल पुलिस ने 'निर्भया निशा' नाम की एक नई पहल शुरू की है। इस खास कार्यक्रम का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि पूरे राज्य में महिलाएं रात के किसी भी समय बिना डरे और सुरक्षित यात्रा कर सकें।

राज्य के पुलिस प्रमुख रावडा चंद्रशेखर ने इस कार्यक्रम की शुरुआत मनवीयम् वीधि में हरी झंडी दिखाकर की। इसे राज्य के सभी 14 जिलों में लागू कर दिया गया है। पुलिस की 28 'फोर्स गुरखा' जीप इस अभियान को मजबूती देने के लिए तैनात की गई हैं, जिन्हें महिला पुलिस अधिकारी ही चला रही हैंयह कार्यक्रम खासतौर पर उन महिलाओं की मदद के लिए है जिन्हें काम, पढ़ाई, बीमारी, परिवार या किसी निजी काम से रात 9 बजे से सुबह 5 बजे के बीच बाहर निकलना पड़ता है। इसके जरिए उन्हें सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा और पुलिस की सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने 24 फरवरी को इस योजना के शुरुआती परीक्षण का उद्घाटन किया था। उन्होंने 'निर्भया निशा' को महिला सुरक्षा के लिए एक मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि केरल अपनी शांति और भाईचारे के लिए जाना जाता है, लेकिन महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए अभी और बड़े कदम उठाने की जरूरत है।

पुलिस इस पहल के जरिए आधुनिक तकनीक और सुरक्षा के कड़े इंतजामों की मदद से रात में यात्रा करने वाली महिलाओं में भरोसा जगाना चाहती है। इसके लिए इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम, पोल ऐप का एसओएस बटन, हेल्पलाइन नंबर 112, जिला कंट्रोल रूम, गश्ती गाड़ियां और पिंक पेट्रोल गाड़ियों जैसी सुविधाओं को आपस में जोड़ा गया है।

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