तिरुवनंतपुरम , दिसंबर 04 -- केरल ने स्थानीय निकाय चुनावों के लिए हरित प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया है, जिसका उद्देश्य थर्मोकोल, एकल-उपयोग प्लास्टिक और अन्य गैर-जैव अपघटक वस्तुओं सहित प्रतिबंधित सामग्रियों के उपयोग को रोकना है।
अधिकारियों ने निरीक्षण दल तैनात किया है जिन्होंने 14 जिलों में 6,500 निरीक्षण किया और 340 उल्लंघनों का पता लगाया। इन उल्लंघनों के लिए कुल 46 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जिला स्तरीय नोडल अधिकारी एवं सुचित्वा मिशन टीम निरीक्षण कर रहे हैं।
इन निरीक्षणों के दौरान, अधिकारियों ने थर्मोकोल, एकल-उपयोग प्लास्टिक और प्रतिबंधित सजावटी वस्तुओं सहित लगभग दो टन प्रतिबंधित सामग्री जब्त की।
दिशा-निर्देशों के अनुसार, पीवीसी फ्लेक्स बोर्ड की अनुमति नहीं है। अभियान सामग्री में नायलॉन, पॉलिएस्टर और कोरियाई कपड़े के बजाय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा अनुमोदित पुन: प्रयोग होने वाले पॉलीएथिलीन या 100 प्रतिशत सूती कपड़ों का उपयोग होना चाहिए।
थर्मोकोल और सनपैक से बनी सजावटी सामग्री भी प्रतिबंधित हैं केवल पर्यावरण अनुकूल विकल्पों की ही अनुमति है। भोजन और पानी वितरण के लिए डिस्पोजेबल प्लास्टिक या थर्मोकोल के कप एवं प्लेटों के बदले स्टील या चीनी मिट्टी के बर्तनों का उपयोग होना चाहिए।
सभी स्वीकृत प्रचार सामग्रियों पर पीवीसी-रहित लोगो के साथ प्रिंटर का नाम, फोन नंबर और ऑर्डर नंबर होना चाहिए ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो और नकली इको-फ्रेंडली उत्पादों को बाजार में प्रवेश करने से रोका जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि चुनाव अवधि के दौरान लोग किसी भी हरित प्रोटोकॉल उल्लंघन की रिपोर्ट समर्पित व्हाट्सएप नंबर पर सबूत के साथ भेज सकते हैं।
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