तिरुवनंतपुरम , मार्च 06 -- अखिल भारतीय सिविल सेवा भारोत्तोलन एवं शक्ति भारोत्तोलन प्रतियोगिता 2025-26 में भाग लेने के लिए चंडीगढ़ गए केरल के सिविल सेवा भारोत्तोलकों और शक्ति भारोत्तोलकों को राज्य के खेल विभाग से सरकारी आदेश के अभाव में अपनी आधिकारिक भागीदारी को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है।
पांच मार्च को चंडीगढ़ के सेक्टर-42 खेल परिसर में शुरू हुई इस राष्ट्रीय चैंपियनशिप का आयोजन चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा केंद्रीय सिविल सेवा सांस्कृतिक एवं खेल बोर्ड (सीसीएससीएसबी) के तहत किया जा रहा है। इस टूर्नामेंट में देश भर के विभिन्न केंद्रीय और राज्य सरकारी विभागों का प्रतिनिधित्व करने वाले लगभग 400 एथलीट भाग ले रहे हैं और यह 10 मार्च तक चलेगा।
केरल दल के सदस्यों ने बताया कि उन्हें अभी तक राज्य खेल विभाग से वह अनिवार्य स्वीकृति नहीं मिली है जो उन्हें चैंपियनशिप में केरल का आधिकारिक रूप से प्रतिनिधित्व करने के लिए अधिकृत करती है। बताया जा रहा है कि इस देरी से एथलीटों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, जबकि प्रतियोगिता पहले ही शुरू हो चुकी है।
प्रतिभागियों ने बताया कि आधिकारिक स्वीकृति के बिना उन्हें प्रतियोगिता के लिए भागीदारी प्रमाण पत्र नहीं मिल सकते हैं। औपचारिक स्वीकृति न मिलने के कारण वे यात्रा भत्ता (टीए) और दैनिक भत्ता (डीए) का दावा करने से भी वंचित हो सकते हैं, जो आमतौर पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले सरकारी कर्मचारियों को दिए जाते हैं।
भारोत्तोलकों के अनुसार टीम आयोजन स्थल पर पहुँच चुकी थी और प्रतियोगिता के लिए पूरी तरह तैयार थी। हालांकि, प्रशासनिक मंजूरी न मिलने के कारण चैंपियनशिप में उनकी आधिकारिक भागीदारी को लेकर वे मुश्किल में पड़ गए हैं।
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