कोच्चि , जनवरी 06 -- केरल के पूर्व मंत्री और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के वरिष्ठ नेता वी.के. इब्राहिम कुंजू का मंगलवार को यहां एक निजी अस्पताल में निधन हो गया।

वह 73 वर्ष के थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी नदीरा और तीन पुत्र वी.ई. अब्दुल गफूर, वी.ई. अब्बास और वी.ई. अनूप हैं। वह लंबे समय से कैंसर संबंधी जटिलताओं और अन्य बीमारी का इलाज करा रहे थे।

मध्य केरल में मुस्लिम लीग के एक प्रमुख एवं प्रभावशाली नेता के रूप में इब्राहिम कुंजू ने दशकों तक इस क्षेत्र में पार्टी की संगठनात्मक एवं चुनावी उपस्थिति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह केरल विधानसभा के चार बार सदस्य रहे, उन्होंने 2001 और 2006 में मट्टनचेरी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और बाद में 2011 और 2016 में कलामासेरी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।

श्री कुंजू दो बार मंत्री बने। उन्होंने संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार में जनवरी 2005 से मई 2006 तक उद्योग एवं सामाजिक कल्याण मंत्री के रूप में और 2011 से 2016 तक लोक निर्माण मंत्री के रूप में कार्य किया। पीडब्ल्यूडी मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान, राज्य में कई प्रमुख अवसंरचना और सड़क विकास परियोजनाएं शुरू की गईं।

केरल के विधायी इतिहास में उनका एक अनूठा स्थान है क्योंकि वे परिसीमन के बाद अस्तित्व में न रहे मट्टनचेरी निर्वाचन क्षेत्र के अंतिम विधायक थे और साथ ही नवगठित कलामस्सेरी निर्वाचन क्षेत्र के पहले निर्वाचित प्रतिनिधि भी थे।

एर्नाकुलम जिले के अलांगड के कोंगोरपिल्ली में जन्में श्री कुंजू ने कम उम्र में ही छात्र राजनीति के माध्यम से सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया और मुस्लिम स्टूडेंट्स फेडरेशन (एमएसएफ) और बाद में यूथ लीग के सक्रिय सदस्य बने। पार्टी में लगातार आगे बढ़ते हुए वह जिला स्तरीय नेतृत्व की भूमिका, महासचिव, अध्यक्ष और अंततः आईयूएमएल के राज्य उपाध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक पदों पर रहे।

एक कुशल आयोजक और जन नेता के रूप में विख्यात श्री कुंजू को मध्य केरल में मुस्लिम लीग के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक माना जाता था। उनके लंबे राजनीतिक जीवन में विवादों के दौर भी आए विशेष रूप से उनके मंत्री कार्यकाल के दौरान अवसंरचना संबंधी मुद्दों को लेकर।

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशान, वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला और विभिन्न दलों के कई राजनीतिक नेताओं ने श्री कुंजू के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और केरल के राजनीतिक एवं विकासात्मक परिदृश्य में उनके दशकों लंबे जनसेवा और योगदान को याद किया।

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