तिरुवनंतपुरम , अक्टूबर 26 -- विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक मंडल ने केरल में 1.1 करोड़ से अधिक बुजुर्गों और कमजोर तबके के लोगों की जीवन प्रत्याशा और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए 28 करोड़ अमेरिकी डॉलर के एक कार्यक्रम को मंजूरी दी है। इसके लिए स्वास्थ्य सेवा कवरेज का विस्तार और जलवायु-अनुकूल स्वास्थ्य प्रणाली का निर्माण किया जाएगा।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार केरल ने दो दशकों में उल्लेखनीय स्वास्थ्य उपलब्धियां हासिल की हैं। यहां प्रति 1000 शिशुओं के जन्म पर नवजात मृत्यु दर 3.4, शिशु मृत्यु दर 4.4, पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर 5.2 है। इसके अलावा प्रति 1,00,000 शिशुओं के जन्म पर मातृ मृत्यु दर 19 है।

एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि ये उपलब्धियां राज्य की उच्च साक्षरता दर, मजबूत जन स्वास्थ्य जागरूकता और विकेंद्रीकृत शासन के कारण संभव हुई हैं।

हालांकि राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली को उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कैंसर जैसी दीर्घकालिक बीमारियों के बढ़ते मामलों के साथ-साथ तेजी से बढ़ती उम्रदराज होती आबादी से बढ़ती चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इनकी आबादी कुल जनसंख्या का 20 प्रतिशत से भी अधिक है। आपातकालीन और आघात देखभाल में भी कमियां बनी हुई हैं जिससे हर साल 4,000 से अधिक सड़क दुर्घटनाओं में मौतें होती हैं।

केरल स्वास्थ्य प्रणाली सुधार कार्यक्रम का उद्देश्य एक अधिक समावेशी और टिकाऊ स्वास्थ्य सेवा मॉडल तैयार करना है। यह ई-स्वास्थ्य सेवाओं, एकीकृत डेटा प्रणालियों और उन्नत साइबर सुरक्षा के माध्यम से डिजिटल स्वास्थ्य बुनियादी ढ़ांचे को मजबूत करेगा।

केरल स्वास्थ्य प्रणाली सुधार कार्यक्रम का उद्देश्य एक अधिक समावेशी और टिकाऊ स्वास्थ्य सेवा मॉडल तैयार करना है। यह ई-स्वास्थ्य सेवाओं, एकीकृत डेटा प्रणालियों और उन्नत साइबर सुरक्षा के माध्यम से डिजिटल स्वास्थ्य बुनियादी ढ़ांचे को मजबूत करेगा।

बिस्तर पर पड़े रहने वाले और कमजोर बुजुर्गों को निरंतर चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए एक घर-आधारित देखभाल मॉडल शुरू किया जाएगा।

विश्व बैंक के भारत में कार्यवाहक निदेशक पॉल प्रोसी ने कहा, "अच्छा स्वास्थ्य लोगों को सशक्त बनाता है, रोजगार पैदा करता है और आर्थिक विकास को गति देता है। मजबूत और लचीली स्वास्थ्य प्रणालियां अर्थव्यवस्थाओं को स्वास्थ्य आपात स्थितियों और महामारियों को रोकने और उनका बेहतर ढंग से सामना करने में भी मदद करती हैं।"उन्होंने कहा कि केरल की महिलाओं की शैक्षिक उपलब्धियां भारत में सर्वोच्च हैं और वे बेहतर स्वास्थ्य परिणाम तथा आर्थिक विकास को और बढ़ावा दे सकती हैं। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में उच्च रक्तचाप नियंत्रण में 40 प्रतिशत और गर्भाशय ग्रीवा व स्तन कैंसर की जांच में 60 प्रतिशत की वृद्धि हासिल करना है।

ग्राम पंचायतों और नगर निगमों सहित स्थानीय स्व-सरकारी संस्थाएं, मानक एंटीबायोटिक-उपयोग प्रोटोकॉल को लागू करने और प्रयोगशाला रिपोर्टिंग में तेजी लाकर जूनोटिक रोगों (ऐसे संक्रमण जो जानवरों से मनुष्यों के बीच फैलते हैं) की निगरानी को मजबूत करने में शामिल होंगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित