कोच्चि , नवंबर 08 -- समुद्री विषम खतरों से निपटने में सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों का आकलन करने के लिए केरल और केंद्र शासित प्रदेश माहे तथा लक्षद्वीप के तटों पर दो दिवसीय तटीय सुरक्षा अभ्यास 'सागर कवच' का आयोजन किया गया।

आधिकारिक प्रवक्ता के मुताबिक छह और सात नवंबर को आयोजित यह अभ्यास दक्षिणी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल समीर सक्सेना के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जो तटीय रक्षा (दक्षिण) के कमांडर-इन-चीफ भी हैं।

अभ्यास के लिए भारतीय नौसेना के जहाज, भारतीय तटरक्षक बल के जहाज, तटीय पुलिस, सीमा शुल्क, समुद्री प्रवर्तन विंग और कोचीन बंदरगाह प्राधिकरण की गश्ती नौकाएँ तैनात की गईं। भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल के विमानों द्वारा व्यापक हवाई निगरानी अभियान भी चलाए गए। प्रमुख फोकस क्षेत्रों में बहुस्तरीय तटीय सुरक्षा को मज़बूत करना, बंदरगाह और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा प्रणालियों का सत्यापन, और प्रौद्योगिकी-सक्षम निगरानी क्षमताओं को बढ़ाना शामिल था।

तटीय सुरक्षा को एक साझा ज़िम्मेदारी बताते हुए, अभ्यास में बेहतर अंतर-एजेंसी समन्वय पर ज़ोर दिया गया और तटीय सुरक्षा बलों की 'आँख और कान' के रूप में मछुआरा समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला गया।

अभ्यास का निर्देशन संयुक्त संचालन केंद्र (कोच्चि) से किया गया, जो तटीय सुरक्षा अभियानों और अभ्यासों का नोडल केंद्र है।

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