हैदराबाद , फरवरी 08 -- भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामा राव ने रविवार को आरोप लगाया कि हैदराबाद के नामपल्ली स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) में हाल ही में लगी आग जानबूझकर अंजाम दी गयी साजिश थी। उन्होंने दावा किया कि इसका उद्देश्य मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी से जुड़े 'वोट के बदले नोट' मामले से संबंधित महत्वपूर्ण सबूतों को नष्ट करना था।

श्री रामाराव ने हनमाकोंडा में संवाददाता सम्मेलन में दावा किया कि आग उस समय लगायी गयी थी, जब मामला अहम मोड़ पर पहुंच गया था और फैसला आने वाला था। उन्होंने घटना के हालात पर सवाल उठाये, जिसमें अत्यधिक सुरक्षित जगह पर आग लगना, आग बुझाने के काम में देरी और नुकसान की हद पर अधिकारियों के उलटे-सीधे बयान शामिल थे।

श्री रामाराव ने आरोप लगाया है कि आग में महत्वपूर्ण फॉरेंसिक सामग्री नष्ट हो गयी, जिसमें डिजिटल सबूत, कम्प्यूटर और सर्वर शामिल हैं। इससे कई गंभीर आपराधिक मामलों पर संभावित असर पड़ सकता है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष, उच्च-स्तरीय जांच की मांग की। इसमें सेवानिवृत्त न्यायाधीश से न्यायिक जांच और केंद्रीय एजेंसियों से हस्तक्षेप करने की मांग शामिल हैं।

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