तिरुवनंतपुरम , जनवरी 09 -- केरल सरकारी मेडिकल कॉलेज शिक्षक संघ (केजीएमसीटीए) ने अपनी लंबित विभिन्न मांगों को लेकर 13 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है।

संघ आंदोलन के हिस्से के रूप में राज्य सरकार द्वारा मनमाने स्थानांतरण, वेतन संशोधन में विसंगतियों, लंबित वेतन और बकाया डीए, फैकल्टी पदों की कमी और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अपर्याप्त बुनियादी ढांचे सहित समस्याओं को हल करने में विफलता का हवाला देते हुए शिक्षण गतिविधियों और गैर-आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का बहिष्कार करेगा।

केजीएमसीटीए ने कहा कि वे एक जुलाई, 2025 से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री की अध्यक्षता में 10 नवंबर 2025 को हुई बैठक के दौरान बार-बार आश्वासन दिये जाने के बावजूद कोई भी मुख्य मुद्दा हल नहीं हुआ है। सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण डॉक्टरों ने अपने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि आंदोलन के हिस्से के रूप में पहले विरोध कार्यक्रमों को तेज किया गया था, जिसमें बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) बहिष्कार शामिल था। इसके बाद, 10 नवंबर को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री के नेतृत्व में एक बैठक हुई, जिसके दौरान एसोसिएशन की वास्तविक मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। संघ ने हालांकि आरोप लगाया कि अब तक उठाये गये मुद्दों में से कोई भी हल नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा कि संघ विरोध प्रदर्शन जारी रखते हुए 13 जनवरी से शिक्षण गतिविधियों का अनिश्चितकालीन बहिष्कार शुरू करेगा। अगले सप्ताह से, सभी गैर-आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का भी बहिष्कार किया जाएगा। इसके अलावा, 19 जनवरी को सचिवालय के सामने धरना दिया जाएगा।

संघ ने स्पष्ट किया कि आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं जिसमें आपातकालीन सेवायें, लेबर रूम, गहन चिकित्सा इकाइयां, मरीजों की देखभाल, आपातकालीन उपचार और ऑपरेशन और पोस्टमार्टम शामिल हैं, विरोध प्रदर्शन से मुक्त रहेंगी।

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