लखनऊ , जनवरी 3 -- उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के केजीएमयू परिसर स्थित मजार और सरोजनी नगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह को लेकर दिए गए बयानों ने राजनीतिक टकराव को तेज कर दिया है। कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने हैं, वहीं राजधानी लखनऊ में विरोध-प्रदर्शन का ऐलान हो चुका है।

लखनऊ स्थित केजीएमयू परिसर में मौजूद मजार पर चादर चढ़ाने के बाद मंगलवार को मीडिया से बातचीत में अजय राय ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह मजार केजीएमयू की स्थापना से भी पहले से मौजूद है, लेकिन सरकार विकास करने में असफल होकर सिर्फ तोड़फोड़ की राजनीति कर रही है।

अजय राय ने कहा, " पूरे लखनऊ को नवाबों ने बसाया है। संभव है उन्हीं की कृपा से यहां मेडिकल कॉलेज बना हो और जमीन मिली हो। मजार को नोटिस देना भाजपा की संकीर्ण सोच को दर्शाता है। हम अपने इतिहास को मिटने नहीं देंगे और पीछे हटने वाले नहीं हैं।"इससे पहले रविवार को सरोजनी नगर के नटकुर मैदान में आयोजित कांग्रेस की संविधान संवाद महापंचायत के दौरान अजय राय ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर किसानों की जमीन छीने जाने, उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने और सोनभद्र जैसे मामलों में न्याय न मिलने के आरोप लगाए। इसी दौरान सरोजनी नगर विधानसभा और वहां के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह को लेकर दिए गए बयान को भाजपा ने "अपमानजनक और अमर्यादित" बताया।

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