हैदराबाद , नवंबर 13 -- तेलंगाना के कृषि मंत्री टी. नागेश्वर राव ने एक बार फिर केंद्र सरकार को पत्र लिखकर सोयाबीन, मक्का और कपास की खरीद में किसानों के सामने आ रही समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए राज्य में चक्रवातों, बेमौसम बारिश तथा अप्रत्याशित मौसम के कारण हुई फसलों के भारी नुकसान को देखते हुए विशेष छूट देने का आग्रह किया है।

श्री राव ने गुरुवार को कहा कि इस सीजन में 3.66 लाख एकड़ में सोयाबीन की खेती की गई थी, जिसकी औसत उपज 7.62 क्विंटल प्रति एकड़ होने की उम्मीद थी लेकिन भारी बारिश के कारण कटाई के दौरान फसल को भारी नुकसान हुआ। बीज के रंग में बदलाव और झुर्रियां पड़ने जैसी समस्याओं के कारण बड़ी मात्रा में उपज मौजूदा मानदंडों से बाहर हो गई है।

श्री राव ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और गिरिराज सिंह से गुणवत्ता मानदंडों में ढील देने और नेफेड तथा एनसीसीएफ को संशोधित मानकों के तहत सोयाबीन की खरीद करने का निर्देश देने की अपील की ताकि किसान असहाय न रहें।

उन्होंने मक्के के बारे में कहा कि इस फसल का रकबा 6.74 लाख एकड़ है और उत्पादन 16.85 लाख मीट्रिक टन होने का अनुमान है। बाजार मूल्य गिरकर 1,959 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं जो केंद्र के 2,400 रुपये के एमएसपी से काफी कम है जिससे राज्य सरकार को सीधी खरीद शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। अब तक, राज्य ने 48,757 टन की खरीद की है, जिससे 14,519 किसान लाभान्वित हुए हैं।

मंत्री ने केंद्र से नेफेड और एनसीसीएफ को एमएसपी के तहत पूरे 16.85 लाख टन की खरीद करने की अनुमति देने का आग्रह किया।

श्री राव ने भारतीय कपास निगम द्वारा खरीद को सात क्विंटल प्रति एकड़ तक सीमित करने के फैसले पर भी चिंता जताई और इसे मोन्था चक्रवात से पहले से ही नुकसान से जूझ रहे किसानों के लिए एक बड़ा झटका बताया। उन्होंने कहा कि सीसीआई के प्रतिबंधों के साथ-साथ एल1, एल2 और स्पॉट बुकिंग प्रणालियों की समस्याओं ने किसानों की परेशानी को और बढ़ा दिया है।

उन्होंने केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय से नमी के मानदंडों को आसान बनाने और 11.74 क्विंटल प्रति एकड़ की वास्तविक उपज अनुमान के आधार पर खरीद की अनुमति देने की अपील की। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि वह कम पैदावार के कारण कठिनाई का सामना कर रहे लाखों छोटे किसानों की रक्षा के लिए खरीद की चुनौतियों का शीघ्र समाधान करे।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में मौजूद मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से भी अनुरोध किया गया है कि वे इस मामले को केंद्रीय मंत्रियों के साथ व्यक्तिगत रूप से उठाएं।

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