उदयपुर , जनवरी 10 -- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रामविलास चौधरी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली वर्तमान केंद्र सरकार जनकल्याण की योजनाओं को मजबूत करने के बजाय केवल उनके नाम और स्वरूप बदलने की राजनीति कर रही है, जिससे आम जनता की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाया जा सके।
श्री चौधरी ने शनिवार को उदयपुर में पत्रकारों से कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) जैसी ऐतिहासिक और जनहितकारी योजना को कांग्रेस सरकार ने सर्वसम्मति से लागू किया था। इस योजना ने करोड़ों ग्रामीण परिवारों को सम्मानजनक रोजगार, आजीविका की सुरक्षा और आर्थिक संबल प्रदान किया, लेकिन अब सरकार मनरेगा में बदलाव करके इसे जी-रामजी मॉडल के रूप में लागू करने का प्रयास कर रही है, जो मूल भावना के खिलाफ है।
उन्होंने कहा कि योजनाओं का नाम बदल देने से न तो मनरेगा मजबूत होती है और न ही मजदूरों की हालत सुधरती है। सरकार को सिर्फ नाम बदलने की राजनीति आती है, लेकिन जमीन पर काम करने की इच्छाशक्ति नजर नहीं आती। कांग्रेस नेताओं ने मनरेगा में प्रस्तावित जी-रामजी मॉडल को लेकर गंभीर आशंकाएँ व्यक्त कीं।
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत निर्णय लेने का अधिकार पूरी तरह केंद्र सरकार के हाथ में चला जाएगा, जिससे संघीय ढांचे को नुकसान पहुँचेगा। इससे राज्यों के साथ भेदभाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है और राज्यों पर चार गुना तक अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने की आशंका है।
श्री चौधरी ने कहा कि यह मॉडल मजदूरों के अधिकारों को कमजोर करेगा और मनरेगा को एक अधिकार आधारित योजना से महज एक नियंत्रित योजना में बदल देगा। इसी के विरोध में कांग्रेस ने देशभर में 45 दिन का देशव्यापी आंदोलन शुरू किया है, ताकि मजदूरों, किसानों और ग्रामीण जनता की आवाज़ को बुलंद किया जा सके।
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