पटना , जनवरी 08 -- बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने गुरुवार को कहा कि उनकी पार्टी प्रदेश में 'मनरेगा बचाओ ' अभियान के तहत 10 जनवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जन आंदोलन चलाएगी।
श्री राम ने आज कहा कि इस संघर्ष का उद्देश्य केंद्र सरकार को उसकी जिम्मेदारी याद दिलाना, राज्यों पर डाले जा रहे आर्थिक बोझ को उजागर करना और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल कराना है।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए नए विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' (वीबी जी राम जी) अधिनियम के दुष्प्रभावों के विरुद्ध तथा मनरेगा की वैधानिक गारंटी की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी की प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन "मनरेगा बचाओ संग्राम" को सफल बनाने के लिए आज प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय सदाकत आश्रम, पटना में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम ने की।
बैठक में "मनरेगा बचाओ संग्राम" अभियान की रणनीति, जिला-वार जिम्मेदारियों और कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा कर उसे अंतिम रूप दिया गया।
श्री राम ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की तरफ से लाया गया नया वीबी जी राम जी अधिनियम मनरेगा की मूल भावना पर सीधा हमला है। यह कानून गरीबों, मजदूरों और ग्रामीण जनता के रोजगार के अधिकार को कमजोर करने वाला है। उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि करोड़ों गरीब परिवारों की आजीविका की वैधानिक गारंटी है, जिसे किसी भी कीमत पर खत्म नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मनरेगा विरोधी नीति के खिलाफ पूरे प्रदेश में जन-जन को जागरूक करेगी और सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। "मनरेगा बचाओ संग्राम" के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव, पंचायत-पंचायत जाकर केंद्र सरकार की नीतियों की सच्चाई जनता के सामने रखेंगे।
काग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इसके विरोध में 10 जनवरी को जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ अभियान का औपचारिक शुभारंभ होगा। उन्होंने कहा कि 11 जनवरी को एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध के माध्यम से अहिंसा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता व्यक्त की जाएगी।
इसके बाद 12 से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर चौपालें, जनसंपर्क, नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण के जरिए जनता को जागरूक किया जाएगा। उन्होंने बताया कि 30 जनवरी को वार्ड व ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरने होंगे। 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला कलेक्टर/डीएम कार्यालयों पर धरना देकर विधेयक वापसी और मनरेगा बहाली की मांग का ज्ञापन सौंपा जाएगा। 07 से 15 फरवरी के बीच राज्य स्तर पर विधानसभाओं का घेराव कर केंद्र की नीतियों का विरोध दर्ज कराया जाएगा। अंत में 16 से 25 फरवरी के दौरान अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी की तरफ से आयोजित क्षेत्रीय रैलियों के साथ अभियान का समापन होगा।
इस बैठक में विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डा. मदन मोहन झा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सचिव सह बिहार प्रभारी शाहनवाज आलम, डा.शकील अहमद खां, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, अवधेश कुमार सिंह, पूर्व विधान पार्षद प्रेमचन्द्र मिश्रा, विधान पार्षद डा. समीर कुमार सिंह, विधायक आबिदुर रहमान, मनोहर प्रसाद सिंह मनोज विश्वास, मो. कमरूल होदा, पूर्व विधायक प्रतिमा कुमारी दास, राजेश राठौड़ सहित पार्टी के जिला अध्यक्षों, पूर्व विधायक, वरिष्ठ कांग्रेसजन , जिला पर्यवेक्षकों , विभाग एवं प्रकोष्ठों के अध्यक्षगण ने भाग लिया।
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