कोलकाता , फरवरी 05 -- पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार सीमा से जुड़ी परियोजनाओं के लिए पहले ही पर्याप्त भूमि उपलब्ध करा चुकी है तथा केंद्र को और अधिक भूमि की मांग करने से पहले लंबित कार्यों को पूरा करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में घुसपैठ पर चर्चा के दौैरान जवाब देते हुए कहा कि पहले रेलवे, विमानन और बंदरगाह प्राधिकरण जैसी एजेंसियां विदेश से देश में आने वाले लोगों की जानकारी नियमित रूप से राज्य के साथ साझा करती थीं, लेकिन हाल के वर्षों में यह परंपरा बंद हो गई है।
सुश्री बनर्जी ने कहा, "पहले जब भी कोई बाहर से आता था, तो रेलवे, विमानन और बंदरगाह अधिकारी राज्य के साथ जानकारी साझा करते थे। पिछले कुछ वर्षों से ऐसा क्यों नहीं किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री को बार-बार बताने के बावजूद कुछ नहीं बदला। अब केवल सीमा पर भूमि के मुद्दे उठाए जा रहे हैं।"मुख्यमंत्री ने कहा, "हमने कई परियोजनाओं के लिए जमीन दी है। हमें बताएं कि कितना काम पूरा हुआ है। हमने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भी जमीन दी थी। पहले काम पूरा करें, फिर हम और जमीन देंगे।" उनकी यह टिप्पणी विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी द्वारा विधानसभा में घुसपैठ का मुद्दा उठाने के बाद आई है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि अवैध प्रवास के कारण जनसांख्यिकीय परिवर्तन हो रहे हैं।
श्री अधिकारी ने दावा किया कि केंद्रीय गृह सचिव ने सीमा पर कटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए भूमि की मांग करते हुए आठ पत्र लिखे थे, लेकिन भूमि की कमी के कारण बाड़ लगाने का काम पूरा नहीं हो सका। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी सांसदों और विधायकों पर हमले किए जा रहे हैं और विपक्ष को राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित करने के लिए अदालतों का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
इस मुद्दे को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी बार-बार उठाते रहे हैं, जिन्होंने हाल की रैलियों में राज्य सरकार पर सीमा सुरक्षा और बाड़ लगाने के काम में केंद्र के साथ सहयोग न करने का आरोप लगाया था।
यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गया है क्योंकि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक फैसले में पश्चिम बंगाल सरकार को निर्देश दिया है कि वह भारत-बांग्लादेश सीमा पर कटीले तारों की बाड़ लगाने के लिए इस वर्ष 31 मार्च तक नौ सीमावर्ती जिलों की भूमि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सौंप दे।
सुश्री बनर्जी ने श्री अधिकारी के आरोपों का जवाब देते हुए घुसपैठ और रोहिंग्याओं की उपस्थिति पर भाजपा के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "क्या आपको एक भी रोहिंग्या मिला है? इसी मतदाता सूची का उपयोग करके 2024 में चुनाव हुए थे। यदि ऐसी कोई समस्या थी, तो प्रधानमंत्री से इस्तीफा देने के लिए कहें।" उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा पर बोलते हुए केंद्र पर निगरानी का भी आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य के विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वित्तीय बाधाओं के बावजूद बंगाल की प्रगति पर सरकार को गर्व है। उन्होंने बताया कि राज्य ने 2.2 लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया है और 1,500 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ लंबे समय से लंबित घाटल मास्टर प्लान पर काम शुरू कर दिया है, जिसमें से 300 करोड़ रुपये का काम पहले ही पूरा हो चुका है।
सुश्री बनर्जी ने केंद्र पर राज्य का फंड रोकने और महात्मा गांधी के नाम वाली योजनाओं को बंद करने का आरोप लगाया। उन्होंने आनंदपुर के नजीराबाद में आग लगने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 26 जनवरी सरकारी कार्यक्रमों से व्यस्त दिन था और उनके उपस्थित न होने के बावजूद मंत्रियों, स्थानीय विधायकों और अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया था। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।
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