शिमला , फरवरी 12 -- केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए हिमाचल प्रदेश में रेलवे बुनियादी ढांचे और सुरक्षा कार्यों के लिए 2,716 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं, जो 2009-14 के दौरान वार्षिक औसत 108 करोड़ रुपये की तुलना में 25 गुना से भी अधिक वृद्धि है। भाजपा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने गुरूवार को लोकसभा में यह जानकारी दी।

डॉ भारद्वाज ने बताया कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक अप्रैल 2025 तक 17,622 करोड़ रुपये लागत की राज्य में 214 किमी की तीन नयी रेलवे लाइन परियोजनाएं स्वीकृत की है। इनमें से 64 किमी तक रेल लाइन शुरू हो गयी है। मार्च 2025 तक 8,280 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं। नांगल बांध-उना-अंदौरा-दौलतपुर चौक खंड (60 किमी) पूरा हो चुका है, जबकि दौलतपुर चौक-तलवाड़ा खंड (52 किमी) और 1,540 करोड़ रुपये लागत के चंडीगढ़-बद्दी नयी लाइन (28 किमी) पर काम चल रहा है।

केंद्र और हिमाचल प्रदेश सरकार के बीच 75:25 लागत-साझाकरण आधार पर स्वीकृत की गयी भानुपल्ली-बिलासपुर-बेरी (63 किमी) रेल लाइन परियोजना में अब तक 7,729 करोड़ रुपये खर्च हो चुके है। राज्य ने 2,781 करोड़ रुपये की प्रतिबद्ध हिस्सेदारी में से हालांकि सिर्फ 847 करोड़ रुपये जमा किये हैं। राज्य की 1,934 करोड़ रुपये की शेष देनदारी बची हुई है। भूमि अधिग्रहण ने भी प्रगति को धीमा कर दिया है। इसके लिये 124 हेक्टेयर की जरूरत थी, जबकि सिर्फ 82 हेक्टेयर जमीन ही सौंपी गयी है।

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