नयी दिल्ली , फरवरी 19 -- जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन विभाग ने केंद्र तथा राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने के लिए राज्यों के जल सचिवों का क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित किया है।
जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा पुनर्जीवन विभाग के सचिव वी.एल. कंथा राव की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्च स्तरीय क्षेत्रीय सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के बीच तालमेल बेहतर बनाने तथा जल संसाधन परियोजनाओं के काम में तेजी लाने के लिए विचार विमर्श किया गया।
सम्मेलन में उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के जल संसाधन सचिव, प्रधान सचिव, अपर मुख्य सचिव और अन्य उच्च अधिकारी शामिल हुए। सम्मेलन के प्राथमिक एजेंडे में भाग लेने वाले राज्यों में जल संरक्षण विभाग की विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन की व्यापक समीक्षा का एजेंडा शामिल था।
जल प्रबंधन में डिजिटल शासन समेकीकरण पर इस सम्मेलन में जोर दिया गया। इसमें दूरस्थ स्थानों पर स्थित मशीनों और उपकरणों की निगरानी, नियंत्रण और डेटा एत्रीकरण प्रणाली पर आधारित वास्तविक समय निगरानी के उपयोग, बाढ़ की चेतावनी के लिए एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस -आधारित डेटा साझाकरण और क्षेत्र के अधिकारियों के लिए फ्लड वॉच मोबाइल एप्लिकेशन शामिल रहा।
सम्मेलन में राज्य सरकार के अधिकारियों ने जल संसाधन विभाग, ग्रामीण विकास एवं कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वयन की स्थिति पर प्रस्तुति दी। इसमें राज्यों की समग्र प्रगति की समीक्षा की गई और लंबित मामलों के समाधान तथा विभिन्न योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए केंद्र-राज्य समन्वय मजबूत करने पर बल दिया गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित