नयी दिल्ली , दिसंबर 31 -- केंद्र सरकार का रोजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीने में नवंबर तक बढ़कर बजट अनुमान के 62 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया है।
वित्त मंत्रालय ने बुधवार को बताया कि अप्रैल-नवंबर की अवधि में केंद्र की कुल राजस्व प्राप्ति 19,49,239 करोड़ रुपये रही, जो बजट अनुमान का 55.7 प्रतिशत है। इस दौरान कुल व्यय 29,25,910 करोड़ रुपये रहा जो बजट अनुमान का 57.8 प्रतिशत है।
इस प्रकार, राजकोषीय घाटा 9,76,671 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। यह बजट अनुमान का 62.25 प्रतिशत है। सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में 15,68,936 करोड़ रुपये के राजकोषीय घाटे का अनुमान रखा था।
कुल प्राप्तियों में 13,93,946 करोड़ रुपये का कर राजस्व, 5,16,366 करोड़ रुपये का गैर-कर राजस्व और 38,927 करोड़ रुपये की गैर-ऋण पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं।
इस अवधि के दौरान केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को करों के हिस्से के हस्तांतरण के रूप में 9,36,561 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जो पिछले वित्त वर्ष की इस अवधि की तुलना में 1,24,498 करोड़ रुपये अधिक है।
कुल व्यय में 22,67,700 करोड़ रुपये राजस्व मद पर और 6,58,210 करोड़ रुपये पूंजी मद पर खर्च किया गया है। कुल राजस्व व्यय में 7,45,765 करोड़ रुपये ब्याज भुगतान के मद में और 2,88,333 करोड़ रुपये प्रमुख सब्सिडियों के मद में खर्च हुआ है।
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