वाराणसी , फरवरी 7 -- केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान के सर्किट हाउस स्थित कार्यक्रम के दौरान शनिवार को कुछ किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काशी द्वार योजना के तहत प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में हंगामा किया।

श्री पासवान केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर निर्धारित प्रेस कांफ्रेंस के लिए सर्किट हाउस पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ किसान स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया।

सहायक पुलिस आयुक्त नितिन तनेजा ने बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कुछ लोग वैभव त्रिपाठी के साथ पहुंचे और अचानक विरोध करने लगे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन पूर्व निर्धारित या विधिवत अनुमति प्राप्त नहीं था। सभी को वहां से हटा दिया गया। यदि तहरीर मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि पिंडरा क्षेत्र में काशी द्वार योजना के अंतर्गत आठ से दस गांवों की भूमि अधिग्रहित की जानी प्रस्तावित है। इसको लेकर किसान लंबे समय से विरोध जता रहे हैं। कुछ गांवों में सर्वे कार्य भी पूरा हो चुका है। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपा, जिसमें भूमि अधिग्रहण पर पुनर्विचार की मांग की गई है।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री श्री पासवान ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'विकसित भारत' के संकल्प को साकार करने की दिशा में निर्णायक कदम है। उन्होंने कहा कि बजट में गरीब, किसान, युवा, महिलाएं और मध्यम वर्ग को प्राथमिकता दी गई है।

उन्होंने बताया कि प्रमुख शहरों को जोड़ने के लिए सात हाई-स्पीड रेल लाइनों, पांच बड़े मेडिकल हब, सेमीकंडक्टर एवं चिप निर्माण के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान तथा लघु उद्योगों के पुनर्जीवन की योजनाओं से अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत पर नियंत्रित रखने का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्री ने कहा कि प्रदर्शनकारियों का पत्र प्राप्त कर लिया गया है और संबंधित अधिकारियों से इस विषय में बातचीत की जाएगी।

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