गुवाहटी , फरवरी 11 -- केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को यहां कहा कि आम बजट 2026-27 ऐतिहासिक और भविष्योन्मुखी है और इससे पूरे देश के साथ ही पूर्वोत्तर क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
श्री चौहान ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बजट में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय को 6,812 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले बजट की तुलना में 897 करोड़ रुपये अधिक है। उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई राशि पूर्वोत्तर में विकास को गति देने की केंद्र सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट तौर पर दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार द्वारा एकत्र किए गए कुल कर राजस्व संग्रह में से एक निश्चित हिस्सा राज्य सरकारों को सौंपने संबंधी कर हस्तांतरण हेतु असम के लिए 49,725 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि 2014 से अब तक असम को कर हस्तांतरण द्वारा लगभग 3.12 लाख करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। इससे यहां के राष्ट्रीय औषध विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईपीआर) जैसे मौजूदा संस्थानों को उन्नत बनाया जाएगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि इस वर्ष कृषि बजट बढ़ाकर एक लाख 32 हजार 561 करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने कहा कि नवाचार और वैज्ञानिक प्रगति को बढ़ावा देने के लिए कृषि शिक्षा और अनुसंधान के लिए 9,967 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को सस्ते दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने और कृषि उत्पादन लागत कम करने के लिए एक लाख, 70 हजार 944 करोड़ रुपये की उर्वरक सब्सिडी भी निर्धारित की गई है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय की चर्चा करते हुए श्री चौहान ने बताया कि इस वर्ष इसके बजट में 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अंतर्गत 'विकसित भारत - जी राम जी' अधिनियम के लिए 1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जबकि पिछले मनरेगा अधिनियम के तहत केवल 86 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान था।
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